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Video- डेंगू पर रिहायशी इलाकों के लोगों की नासमझी पर पिछड़े क्षेत्र के लोगों की समझ भारी

शहर में धीरे-धीरे कर डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। इसको लेकर प्रशासन सतर्क हो गई है।

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Video- डेंगू पर रिहायशी इलाकों के लोगों की नासमझी पर पिछड़े क्षेत्र के लोगों की समझ भारी

Video- डेंगू पर रिहायशी इलाकों के लोगों की नासमझी पर पिछड़े क्षेत्र के लोगों की समझ भारी

रायगढ़. रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों की नासमझी पर डेंगू भारी पड़ रहा है। जबकि पिछड़े इलाकों में रहने वाले लोगों की समझदारी से डेंगू उन तक नहीं पहुंच रही है। यह बात अब पिछड़े इलाकों में रहने वाले लोग भी कहने लगे हैं। स्थिति यह है कि रिहायशी इलाकों की अधिकांश नालियां अतिक्रमण की चपेट में है, जबकि पिछड़े क्षेत्र के लोग अपने वार्ड की नालियों को खुला छोड़े हुए हैं, जिससे साफ-सफाई बेहतर तरीके से होती है और डेंगू नहीं पनप पाता।

शहर में धीरे-धीरे कर डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। इसको लेकर प्रशासन सतर्क हो गई है। वहीं डेंगू फैलने की बात पर गौर करें तो यह लंबे समय से जमा पानी में पनपता है। नगर निगम के द्वारा गंदे पानी निकासी के लिए हर वार्ड में नालियों का निर्माण करवाया गया है। इसमें शहर के बीचों-बीच रहने वाले रिहायशी इलाकों पर नजर दौड़ाए तो अधिकांश लोगों के द्वारा नालियों पर कब्जा कर लिया गया है।

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इस कब्जे के साथ नालियों को कई जगह से ढंक दिया गया है तो ज्यादातर जगहों पर नालियों के ऊपर निर्माण करते हुए उसका उपयोग गैलरी या बैठक के रूप की जा रही है। इससे इन नालियों की सफाई नहीं हो पाती। इससे पानी हर समय जमा रहता है। वहीं पिछड़े क्षेत्रों में बनाई गई अधिकांश नालियां खुली है। लोगों के द्वारा जब निर्माण किया जाता है तो नाली को विशेष ध्यान दिया जाता है। ताकि नाली को छोड़ कर निर्माण कार्य किया जाए। इस तरह की स्थिति बापू नगर में भी देखने को मिली। बापू नगर ऐसा मोहल्ला है, जो काफी पिछड़ा हुआ है। यहां के लोगों के द्वारा नाली को खुला रखा गया है। इससे नालियों की सफाई भी आसानी से हो जाती है।

कागजों से बाहर नहीं निकला आदेश
नगर निगम के अधिकारी भी यह मान रहे हैं नालियों पर अतिक्रमण की वजह से सफाई नहीं हो पाती। इससे कई तरह की गंभीर बीमारी भी पनपती है। इस बात को लेकर नगर निगम आयुक्त ने पिछले साल ही इसका आदेश दिया था कि नालियों पर जितने भी अतिक्रमण हैं, उन्हें तोड़ा जाएगा, लेकिन यह आदेश अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल सका।

निरीक्षण में भी हो चुकी है पुष्टि
नगर निगम के द्वारा इस साल ११ वार्डों को संवेदनशील घोषित किया गया है। नगर निगम आयुक्त के द्वारा पिछले माह इस संवेदनशील वार्डों में निरीक्षण किया गया था। इस दौरान अंधिकांश स्थानों की नालियों पर निर्माण पाया गया था। ऐसे में इस समय भी यह बात कही गई थी नालियों से अतिक्रमण को हटाया जाएगा, लेकिन अब तक इसका पालन नहीं किया जा सका।