1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक्सपायरी ड्रिप चढ़ाने को लेकर परिजनों ने किया हंगामा, स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचने के बाद ये हुआ…

- प्रारंभिक जांच में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई है

2 min read
Google source verification
एक्सपायरी ड्रिप चढ़ाने को लेकर परिजनों ने किया हंगामा, स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचने के बाद ये हुआ...

एक्सपायरी ड्रिप चढ़ाने को लेकर परिजनों ने किया हंगामा, स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचने के बाद ये हुआ...

रायगढ़. शहर के जेएमजे अस्पताल में तीन माह के नवजात बच्चों को एक्सपायरी ड्रिप चढ़ाने का मामला सामने आया है। इस बात को लेकर परिजनों ने अस्पताल में खूब हंगामा मचाया। मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम भी जेएमजे अस्पताल जांच करने के लिए पहुंची। प्रारंभिक जांच में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई है। वहीं सोमवार को भी इस मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है। इधर अस्पताल की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया था।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार राजीव गांधी नगर विजय चौहान के तीन माह के जुड़वा पुत्र को सर्दी, खांसी व बुखार की शिकायत थी। ऐसे में उनके द्वारा अपने बच्चों को जांच के लिए शनिवार को जेएमजे अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्चों को एडमिट किए जाने की सलाह दी। ऐसे में बच्चों को एडमिट भी कराया गया।

Read More : निर्माण कार्य को लेकर ठेकेदार गंभीर नहीं, निगम खेल रहा नोटिस-नोटिस का खेल

रविवार की दोपहर विजय चौहान की पत्नी भी वहां मौजूद थी। अचानक उसकी नजर बच्चों को चढ़ाए जा रहे ड्रीप पर पड़ी और उसने देखा कि जो ड्रीप बच्चों को चढ़ाई जा रही है उसकी वैध तिथि समाप्त हो चुकी है। इस बात की तत्काल शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन मामले को दबाने के लिए इससे कुछ नहीं होने की बात कह रहे थे। वहीं कुछ स्टाफ तो परिजनों से अभद्र तरीके से भी पेश आ रहे थे। ऐसे में परिजनों के द्वारा अस्पताल परिसर में हो-हंगामा किया गया। काफी वाद-विवाद के बाद इस मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी गई।

अस्पताल के फार्मेसी से खरीदी थी दवा
जेएमजे अस्पताल परिसर में ही प्रबंधन की फार्मेसी है। इस अस्पताल में जितने भी मरीज जाते हैं। सभी उसी स्टोर से दवा खरीदते हैं। दवा खरीदी करने के बाद जो एडमिट नहीं रहते वे दवा को अपने साथ ले जाते हैं। वहीं जो एडमिट होते हैं उन्हें उपचार के दौरान वहां की दवा दी जाती है।

- इस मामले की शिकायत मिली थी। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। जांच के दौरान प्रारंभिक रूप से गड़बड़ी मिली है। पूरा स्टाफ का बयान नहीं हो सका है। ऐसे में सोमवार को भी जांच होगी- डॉ. टीके टोंडर, प्रभारी सीएचएमओ