
महिला ने दर्ज कराया अपराध तो कह रहा कंपनी भाग गई, मैं खुद हुआ ठगी का शिकार
रायगढ़. एक आदमी ने अपने घर में रहने वाले आयुर्वेदिक डॉक्टर के कहने पर अपनी इकलौती बेटी के नाम साईं प्रसाद प्राइवेट लिमिटेड में हजारों रुपए जमा किया। जिसका 06 साल में उसे दोगुना रकम मिलने वाला था।
इसी बीच उक्त आदमी की मौत हो गई। अब उसकी बेटी डॉक्टर से रुपए की मांग कर रही है तो वह उसे देने से इंकार कर रहा है। डॉक्टर से बने एजेंट का कहना है कि कंपनी सैकड़ों लोगों का पैसा लेकर भाग गई, मैं खुद उसका शिकार हुआ हैं, मैं कहां से पैसा दूं। ऐसे में पीडि़ता ने इसकी शिकायत आईजी से की है, जहां आईजी ने इस मामले में तत्काल अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है। घटना कोसीर थाना क्षेत्र की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कोसीर के दहिदा निवासी रामप्रसाद आदित्य पंजाब के घलोनी स्थित कोल फील्ड में काम करता था। उसकी पत्नी का निधन सालों पहले हो गया था। ऐसे में उसने अपनी इकलौती बेटी मालती कहार की शादी बाबाकुटीर सारंगढ़ निवासी मनोहर कहार से किया था। रामप्रसाद माह में एकात बार पंजाब से अपने गांव दहिदा आता था और घर को देख कर चला जाता था।
इस दौरान उसने कोसीर के पुनीलाल आदित्य पिता सेतराम आदित्य 39 वर्ष जोकि आयुर्वेदिक डॉक्टरी की पढ़ाई करके गांव आया था उसे अपने घर में रह कर घर की देखभाल करने को कहा। जिस पर पुनीलाल राजी हो गया और रामप्रसाद के घर में रहने लगा और गांव के लोगों का उपचार भी करने लगा।
तभी साल 2010 में रामप्रसाद अपने घर आया तो डॉक्टर से साईं प्रसाद प्रा लि का एजेंट बने पुनीलाल ने रामप्रसाद से कहा कि इस कंपनी में रुपए जमा करने पर 06 साल में दोगुना रकम मिलता है। ऐसे कई सारे लुभावनी बातें बताकर पुनीलाल ने रामप्रसाद को अपने जाल में फंसा लिया।
इसके बाद रामप्रसाद ने मेरी इकलौती बेटी है यह पैसे उसके काम आ जाएंगे कह कर पुनीलाल के साथ सारंगढ़ स्थित साईं प्रसाद कंपनी के ऑफिस चल दिया और वहां पहली किश्त 16 हजार 200 रुपए तथा 28 हजार 800 रुपए पटाया। जिसका उसे सर्टिफिकेट और पाउती भी मिला।
इसके बाद रामप्रसाद वापस पंजाब चला गया। साल 2011 में रामप्रसाद फिर से घर आया और पुनीलाल आदित्य ने दूसरी किश्त के रूप में 16 हजार 200 तथा 28 हजार 800 फिर से रामप्रसाद से लिया। इसके बाद रामप्रसाद फिर से पंजाब चला गया। पंजाब जाने के एक माह बाद रामप्रसाद की तबीयत खराब हो गई। ऐसे में उसकी बेटी और पति पंजाब गए और उसका इलाज चंडीगढ़ स्थित अस्पताल में कराने लगे। तभी 27 जुलाई 2011 को रामप्रसाद की मौत हो गई।
जशपुर गांव में बना लिया घर
रामप्रसाद की मौत के बाद पुनीलाल आदित्य ने रामप्रसाद का घर छोड़ दिया और कोसीर के जशपुर गांव में जमीन खरीद कर खुद का घर बना लिया और वहीं अपने परिवार के साथ रहने लगा। साथ ही 2013 में उसकी भेड़वन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आयुवेर्दिक डॉक्टर के पद पर नौकरी भी लग गई, जोकि वर्तमान में वहीं पदस्थ है।
बेटी को नहीं था मालूम
पिता की मौत के बाद भी बेटी को यह पता नहीं था कि उसका बाप रामप्रसाद अपनी बेटी के लिए पुनीलाल के पास रुपए जमा कर रहा था। तभी रामप्रसाद के पहली पत्नी के बेटे जोकि दहिदा में रहता है व उसके पड़ोस के लोगों ने मालती को बताया कि जब रामप्रसाद जिंदा था तो तुम्हारे लिए पुनीलाल के पास रुपए जमा करने की बात हमें बताया था। इस पर मालती पुनीलाल के पास गई और पिता द्वारा रुपए जमा कराने की बात पूछी तो उसने हां कहा। ऐसे में मालती ने पुनीलाल से कहा कि मेरे पिता ने जितना भी रुपए जमा किया है उसे तुड़वाकर साल 2012 में मुझे दे दो। इस पर आरोपी ने कहा कि रुपए जमा करने की अवधि 06 साल की है 06 साल होने पर जितना तुम्हारा रुपए जमा हुआ है वह मिल जाएगा।
06 साल तक की इंतजार
मालती ने 06 साल तक इंतजार किया। 2016 में 06 साल पूरे होने पर वह फिर से पुनीलाल के पास गई और रुपए की मांग की तो आरोपी ने रुपए निकालने की प्रक्रिया बताते हुए 06 माह और रुकने को कहा। 06 माह और रुकने के बाद मालती आरोपी के पास गई तो उसे वह टाल-मटोल करने लगा। आखिर एक दिन आरोपी ने मालती को रुपए देने से इंकार कर दिया।
आईजी के पास की शिकायत
इस बीच मालती ने सारंगढ़ थाने में आरोपी के खिलाफ आवेदन दी थी, लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद हाल ही में प्रार्थिया बिलासपुर जाकर आईजी दीपांशु काबरा से इस मामले की शिकायत की, जहां आईजी ने आरोपी के खिलाफ तत्काल अपराध दर्ज करने का आदेश दिया। ऐसे में कोसीर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
भाग गई कंपनी मैं क्या करूं
पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ की तो उसने बताया कि सारंगढ़ स्थित साईं प्रसाद प्राइवेट लिमिटेड कंपनी साल 2015 भाग गई। कंपनी ने पूरे क्षेत्र के सैकड़ों लोगों का पैसा खाया है, यहां तक कि मैं भी इस कंपनी में धोखधड़ी का शिकार हुआ हूं। ऐसे में मैं कहां से रुपए लाकर प्रार्थिया को दूं।
Published on:
07 May 2018 04:39 pm
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