
जैसे-तैसे भाग कर अपनी जान बचाई
रायगढ़. जंगल से तेंदूपत्ता संग्रहण, हितग्राहियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। रायगढ़ वन मंडल में हितग्राही पर भालू ने हमला किया। जबकि धरमजयगढ़ वन मंडल के गेरसा में हितग्राही पर भालू ने हमला कर दिया। हलांकि राहत की बात यह है कि दोनों ही मामलों में हितग्राही ने जैसे-तैसे भाग कर अपनी जान बचाई। विभागीय अधिकारी भी इस घटना की पुष्टि कर रहे हैं।
धरमजयगढ़ वन मंडल के गेरसा जंगल में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति हो गई।
जब एक जंगली शूकर ने तेंदूपत्ता तोड़ रहे संग्राहक ललित राम पिता ठाकुर राम 45 वर्ष पर हमला बोल दिया। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार की सुबह की है। जब तेंदूपत्ता का संग्रहण करते हुए ललित जंगल की ओर बढ़ रहा था। इस बीच एक जंगली शूकर ने उसके उपर हमला बोल दिया। जंगली शूकर ने ग्रामीण के जांघ, सिर, हाथ के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर हमला किया है। जैसे-तैसे हितग्राही ने अपनी जान बचाई। उसके बाद घायल हितग्राही को इलाज के लिए धरमजयगढ़ अस्पताल लाया गया। जहां उसका इलाज किया गया है।
विभागीय अधिकारी की माने तो पहले भालू फिर जंगली शूकर के हमले को देखते हुए हितग्राहियों को जंगली जानवारों से अलर्ट रहते हुए तेंदूपत्ता संग्रहण करने को कहा गया है। एक के बाद एक हुए इस घटना में हितग्राहियों के बीच भी भय का माहौल देखा जा रहा है। यहीं वजह है कि हितग्राही अब तेंदूपत्ता का संग्रहण के दौरान अकेले जंगल की ओर जाने से परहेज कर रहे हैं।
इलाज के लिए धरमजयगढ़ अस्पताल लाया गया
तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान एक हितग्राही पर जंगली शूकर ने हमला कर दिया था। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए धरमजयगढ़ अस्पताल लाया गया था। जहां उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। हितग्राहियों को सावधानी के साथ तेंदूपत्ता का संग्रहण करने को कहा गया है।
-प्रणय मिश्रा, डीएफओ, रायगढ़
Published on:
07 May 2018 12:51 pm
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