19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रात के साये में निकलते हैं ये भीमकाय जानवर, फिर ग्रामीणों के खेत में पहुंचकर खूब मचाते हैं उत्पात

- वन विभाग का अमला लगातार गांव में भ्रमण करते हुए ग्रामीणों को कर रहे जागरूक

2 min read
Google source verification
रात के साये में निकलते हैं ये भीमकाय जानवर, फिर ग्रामीणों के खेत में पहुंचकर खूब मचाते हैं उत्पात

रात के साये में निकलते हैं ये भीमकाय जानवर, फिर ग्रामीणों के खेत में पहुंचकर खूब मचाते हैं उत्पात

रायगढ़. बंगरसिया क्षेत्र में हाथियों का आतंक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। इस क्षेत्र में भैंसगढ़ी एक ऐसा गांव है जहां के जंगल में दो हाथियों का दल विचरण कर रहा है। ऐसे में रात के समय इस गांव से लोगों को घर से निकलना मुश्किल है। यदि वे घर से निकलते हैं और हाथियों से सामना हो जाता है तो उनकी जान भी जा सकती है। इस बात को लेकर वन विभाग का अमला लगातार गांव में भ्रमण करते हुए ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं कि रात के समय घर से बाहर ना निकले वहीं एहतियात बरतने की निर्देश भी दे रहे हैं।

रायगढ़ वन मंडल के रायगढ़ रेंज स्थित बंगूर सिया जंगल में पिछले दिनों 16 हाथियों का दल भ्रमण कर रहा था। पिछले 3 से 4 दिनों में इन हाथियों के दल ने बंगूर सिया, संबलपुरी, जामगांव सहित आसपास के दर्जनों गांव में उत्पात मचाया। करीब दो दर्जन से अधिक किसानों के खेतों में पहुंचते हुए फसल को नुकसान किया। हालांकि मौजूदा समय में यह जान बरगढ़ जामगांव होते हुए ओडिशा प्रांत के जंगल की ओर निकल चुका है।
Read More : आचार संहिता के लगते ही प्रशासन की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर शुरू किया ये काम, पढि़ए पूरी खबर...

इससे इन हाथियों के दल से मौजूदा समय में लोगों को तो छुटकारा मिल गया है लेकिन अभी भी बांगुर सिया के भैंसगढ़ी जंगल में दो हाथियों का दल विचरण कर रहा है। यह हाथी दिन भर जंगल के अंदर रहते हैं लेकिन जैसे ही रात होती हैं वह जंगल से बाहर निकल कर भैंसगढ़ी गांव के खेतों में पहुंचते हैं और वहां लगे फसल को नुकसान पहुंचाते हैं।

इस तरह की स्थिति पिछले कुछ दिनों से लगातार बनी हुई है। इस बात को लेकर वन विभाग का अमला सक्रिय है और संबंधित गांव में पहुंचते हुए लोगों को जागरूक करने में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी गांव में पहुंचकर हाथियों से छेडख़ानी नहीं करने की बात ग्रामीणों से कह रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों को यह भी नसीहत दी जा रही है कि रात के समय ग्रामीण घूमने के लिए घर से बाहर नहीं निकले। वहीं यदि आपात स्थिति में आवश्यकता पड़ती है तो कम से कम 4 से 5 लोगों के समूह बनाकर ही घर से बाहर निकले।

रतजगा करने को मजबूर ग्रामीण
हाथियों को लेकर भैंसगढ़ी गांव में दहशत बना हुआ है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के ग्रामीण 5 से 6 लोगों के समूह में रतजगा करते हैं ताकि हाथियों के आने के बाद इस बात की सूचना वन विभाग को देते हुए गांव के अन्य लोगों को भी दी जा सके। ताकि ग्रामीण हो हल्ला करते हुए हाथियों को गांव के अंदर आने से तो कम से कम रोक सके।