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Breaking : 100 से अधिक ग्रामीणों को थाने के बाहर देख, पुलिस अधिकारियों की उड़ी नींद, पढि़ए क्या करने वाले थे ये ग्रामीण

जमीन विवाद होने की वजह से सीधे कार्रवाई करने की अधिकार से वंचित होकर पुलिस ने प्रतिबंद्धात्मक कार्रवाई करने दोनो पक्षों को थाने बुलाया।
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रायगढ़

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Shiv Singh

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Updated: 5 Jul 2018, 1:47 PM IST

100 से अधिक ग्रामीणों को थाने के बाहर देख, पुलिस अधिकारियों की उड़ी नींद, पढि़ए क्या करने वाले थे ये ग्रामीण

100 से अधिक ग्रामीणों को थाने के बाहर देख, पुलिस अधिकारियों की उड़ी नींद, पढि़ए क्या करने वाले थे ये ग्रामीण

रायगढ़. भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के किरीतमाल ग्राम में जमीन विवाद को लेकर जब पुलिस ने संबंधित पक्ष से अधिवक्ता, सरपंच व एक अन्य ग्रामीणा को बयान देन के लिए बुलाया, तो उससे पहले गांव में मीटिंग हुई। इसके बाद पूरे गांव के लोग थाने पहुंच गए। करीब सौ से अधिक ग्रामीण जब थाने के बाहर पहुंचे तो भूपदेवपुर पुलिस की बेचैनी बढ़ गई।

इधर सोशल मीडिया में ग्रामीणों द्वारा भूपदेवपुर थाना का घेराव की खबर वायरल हो गई। जिसके बाद पुलिस के आला अधिकारी ने संबंधित थाना से संपर्क कर जानकारी ली। उसके बाद थाना परिसर में मौजूद भीड़ को बाहर करने की पहल हुई। इधर ग्रामीण भी देवभूमि को लेकर न्यायसंगत हर कदम उठाने की बात कह रहे हैं।

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भूपदेवपुर थाना के बाहर गुरुवार की सुबह करीब सौ से अधिक ग्रामीण पहुंचे हुए थे। कुछ देर बाद सोशल मीडिया में यह खबर वायरल हुई कि किरीतमाल के ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया है। उसके बाद रायगढ़ मुख्यालय में मौजूद आला अधिकारियों की नींद उड़ी और उन्होंने भूपदेवपुर पुलिस से इस मामले की जानकारी ली।

भूपदेवपुर पुलिस ने बताया कि थाना क्षेत्र के गांव में एक देवभूमि है। जिसे प्रेम शंकर मित्तल ने पूजा पाठ के लिए ग्रामीणों को दे रखा है। बरसात में कीचड़ व पानी भरते देख जब ग्रामीणों द्वारा उक्त भूमि में मिट्टी पाट कर दीवार उठाया जा रहा था तो स्थानीय गुरुजी देवसरी डनसेना ने उक्त भूमि को अपना बताते हुए चारदीवारी उठाने से मना किया। जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस को जब इसकी भनक मिली तो घटना स्थल का निरीक्षण किया।

जमीन विवाद होने की वजह से सीधे कार्रवाई करने की अधिकार से वंचित होकर पुलिस ने प्रतिबंद्धात्मक कार्रवाई करने दोनो पक्षों को थाने बुलाया। जिसमेंं अधिवक्ता छत्रपाल सिंह, टिकाराम व सरंपच को गुरुवार की सुबह थाने बुलाया गया। ग्रामीणों को थाने बुलाने की बात सुन कर गामीणों द्वारा एक मीटिंंग की गई। वहीं गुरुवार की सुबह बयान देन के लिए ३ लोगों के समर्थन में पूरे गांव के लोग थाने पहुंच गए। जिसे देख कुछ पल के लिए भूपदेवपुर पुलिस के अधिकारी व जवानों की बेचैनी भी बढ़ गई थी।

मामला गांव का है इसलिए पहुंचे हैं ग्रामीण
इस मामले में पत्रिका ने बयान लेन के लिए बुलाए गए अधिवक्ता छत्रपाल डनेसना के भाई जसपाल डनसेना से बात की। उन्होंने बताया कि यह कोई व्यक्तिगत मामला नहीं है। बल्कि गांव के देवभूमि से जुड़ा हुआ है। ऐसे में, ग्रामीणों के थाने पहुंच कर अपनी बात कहने का अधिकार तो हैं। पर पुलिस को इससे आपत्ति हो रही है। सोशल मीडिया में खबर वायरल होने के बाद हमेंं तत्काल थाना के बाहर जाने को कह दिया गया। पर हम ज्ञापन के जरिए अपनी बात उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

-थाने के घेराव की बात पूरी तरह से गलत है। जमीन विवाद में अधिवक्ता व अन्य लोगों को बुलाया गया था। वो अपने साथ पूरे गांव वालों को लेकर आ गए। जिसे सोशल मीडिया में घेराव का नाम दिया जा रहा है। आला अधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराया जा चुका है- कौशल्या साहू, टीआई भूपदेवपुर