CG News: मंगलवार को मौसम में बदलाव देखा गया और बादल छाए रहे। ऐसे में लघु व सीमांत किसानों ने धान कटाई करना उचित समझे और खेतों की ओर रुख किया।
साल्हेओना। CG News: मंगलवार को मौसम में बदलाव देखा गया और बादल छाए रहे। ऐसे में लघु व सीमांत किसानों ने धान कटाई करना उचित समझे और खेतों की ओर रुख किया। आसमान पर बदली छाए रहने के कारण किसान चिंतित रहे और कटाई कराकर खलिहान पर रखें। किसानों का कहना है कि दीपोत्सव में लक्ष्मी पूजा के बाद धान कटाई को शुभ माना जाता है।
ऐसे में दूसरे दिन मंगलवार को खराब मौसम को देखते हुए धान कटाई करना उचित समझा. सुबह से महिलाएं, बच्चे व पुरुष किसान खेतों में पहुंचकर हाथ से कटाई में लगे रहे। साल्हेओना के बंशीधर सहिस ने बताया कि उसके खेतों में हार्वेस्टर मशीन नहीं घुस पाता है तो हाथ से कटाई करा रहा हैं। ऊपर से बदली भरे मौसम को देखते हुए चिंता बढ़ गई है।
एचएमटी , सरना, मंजू गोल्ड, हजार एक, जैसे किस्म के धान फसल पककर तैयार हो चुका है और ज्यादा दिन तक धान को रखना नुकसान हो सकता है। अचानक मौसम में बदलाव को देखकर किसानों को चिंतित कर दिया है। फिलहाल सीमांत किसानों का कम अवधि वाले धान फसल पककर तैयार होने से कटाई में लगे हुए हैं और खलिहानों में बीड़ा बनाकर रख रहे हैं। मौसम साफ होने के बाद इसकी मिंजाई करेंगे। वही कुछेक किसानों ने मशीन से धान की कटाई करा रहे है।
पखवाड़े बाद जोर पकड़ेगी कटाई
बरमकेला क्षेत्र के जिन किसानों ने सावन महीने के प्रथम सप्ताह में धान की बोआई किए थे । उनके फसल तैयार हो गया है और ऐसे किसान कटाई में लगे हुए हैं। जबकि अंचल के ज्यादातर किसानों ने अंतिम सप्ताह के बाद बोआई - रोपाई करने के कारण एक पखवाड़े बाद कटाई करेंगे।क्योंकि मौजूदा समय में धान की बाली कच्ची है और पकने में थोड़ा समय लगेगा।
चुनावी चर्चा से दूर खेतों में व्यस्त ग्रामीण
विधानसभा चुनाव की मतदान के लिए दो दिन शेष है। इसके बाद भी गांवों में चुनावी माहौल नहीं दिख रहा है। इधर इन सबसे अनजान ग्रामीण अब खेती किसानी में ध्यान लगा कर कटाई मिंजाई में व्यस्त हो गए हैं। इस वजह से राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं को किसानों को रिझाने में परेशानी हो रही है।