
राइस मिलर्स की मनमर्जी पर नकेल कसने विभाग की तैयारी, कस्टम मिलिंग का पंजीयन नहीं कराने वाले राइस मिल की बिजली होगी गुल
रायगढ़. खाद्य विभाग ने राइस मिलर्स की मनमर्जी पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर लिया है। जिन राइस मिलर्स ने निर्देश के बाद भी अब तक कस्टम मिलिंग का पंजीयन नहीं कराया है। खाद्य विभाग उन सभी मिल का बिजली का कनेक्शन काटने की कार्रवाई करने जा रहा है। विभाह ने आदेश जारी किया है कि कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन नहीं कराने वाले राइस मिलरों के यहां का बिजली कनेक्शन काट दिया जाए। इस आदेश का पालन करने के लिए खाद्य विभाग ने आदेश की कॉपी बिजली विभाग के अधिकारियों को भी भेजी है। राइस मिलर्स भी अलर्ट हो जाए इसके लिए उन्हें भी नोटिस के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई है।
जिले में इस समय ११७ राइस मिल संचालित हैं, जिसमें १०० अरवा व १७ उसना मिलें हैं। इसमें अब तक १० लोगों ने पंजीयन नहीं कराया है। कस्टम मिलिंग में पंजीयन नहीं कराने वाले राइस मिलरों में जिला पंचायत अध्यक्ष अजेश पुरुषोत्तम अग्रवाल की मिल भी शामिल है।खरीदी शुरू होने के बाद भी कस्टम मीलिंग के लिए पंजीयन न कराने वाले जिले के १० राइसमिलरों को खाद्य विभाग ने नोटिस जारी कर अल्टीमेटम दिया था कि वे पंजीयन कराएं। इसके लिए उन्हें तीन दिन का समय भी दिया गया था, लेकिन राइस मिलर ने निर्धारित अवधि में न तो पंजीयन कराया और न ही नोटिस में मिले तीन दिन के अतिरिक्त समय में पंजीयन कराया।
बताया जा रहा है कि पंजीयन कराना तो दूर संबंधित १० राइस मिलरों ने उक्त नोटिस का जवाब भी नहीं दिया। हालांकि विभाग फिर भी इस इंतजार में रही कि उक्त राइस मिलर आएंगे और कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कराएंगे, लेकिन नहीं आए। ऐसे में खाद्य विभाग के अधिकारियों ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित राइस मिलरों के यहां से बिजली कनेक्शन काटने का आदेश जारी किया है। इस आदेश की जानकारी बिजली विभाग को भी भेजी गई है। साथ ही इसमें यह कहा गया है कि उक्त कार्रवाई को करते हुए इस बात की जानकारी भी संबंधित विभाग को दी जाए। इस जारी की गई नोटिस में जिला पंचायत अध्यक्ष अजेश पुरुषोत्तम अग्रवाल का भी नाम शामिल है।
बदले संचालक तो बदल गया नियम
बताया जाता है कि मौजूदा समय में जिन १० राइस मिलरों ने कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन नहीं कराया है, उसमें छह ऐसे राइस मिलर है, जिनका पंजीयन पिछले साल करवाया गया था। इस साल यह छह राइस मिल किराए पर दूसरे को दिया गया है। अब तक उक्त राइस मिलरों के संचालक बदल गए हैं तो वे शासन के नियम को नहीं मान रहे हैं। यहीं वजह है कि संबंधित राइस मिल जो पिछले साल पंजीयन किए गए थे वे इस साल नहीं कराए हैं।
विभाग और मिलरों का अलग अलग तर्क
राइस मिलरों की माने तो उनका कहना है कि कस्टम मिलिंग का कार्य करने से उन्हें पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता। इसकी वजह से वे कस्टम मिलिंग का कार्य नहीं करना चाहते, जबकि खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा इसके लिए निर्धारित दर तय किया गया है। इसमें राइस मिलरों के कार्य में होने वाले खर्च के साथ लाभ का भी अंश है। इसके अलावा प्रोत्साहन राशि भी दिया जाता है।
-कस्टम मिलिंग के लिए कुछ राइस मिलरों ने पंजीयन नहीं कराया है। ऐसी राइस मिल का बिजली कनेक्शन काटने का आदेश जारी किया गया है।
जीपी राठिया, जिला खाद्य अधिकारी
-कस्टम मिलिंग में लाभ नहीं मिल पाता। इसकी वजह से पंजीयन नहीं करवाया गया है- अजेश पुरुषोत्तम अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष व राइस मिलर
Published on:
23 Nov 2018 12:39 pm
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