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औद्योगिक पार्क के विकास कार्य के लिए सीमांकन कराने पहुंची टीम, तो भूस्वामियों ने किया दावा, अधिकारियों के उड़ गए होश

आपत्ति के कारण सीमांकन नहीं हो पाया था। हालांकि अधिकारी दबी जुबां से खाता बढऩे की बात को स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन कोई खुलकर कहने को तैयार नहीं नहीं
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औद्योगिक पार्क के विकास कार्य के लिए सीमांकन कराने पहुंची टीम, तो भूस्वामियों ने किया दावा, अधिकारियों के उड़ गए होश

रायगढ़. उद्योग विभाग के नाम पर दर्ज जमीन का बंटवारा व खरीद-बिक्री कर दिया गया। इसके कारण औद्यागिक पार्क के लिए प्रस्तावति भूमि में अधिपत्य लेने के बाद खाता बढ़ गया है। एनटीपीसी के तर्ज पर यहां भी भू-माफियाओं द्वारा नियम कानून को ताक पर रखकर अधिकारियों से सांठ-गांठ कर बंटवारा व अन्य कार्य कराए जाने की बात कर रहे हैं।

सीएसआईडीसी जब प्रस्तावित अद्यौगिक पार्क सियारपाली के जमीन का अधिपत्य लेने के बाद उस पर कब्जा करने पहुंची तब इसका खुलासा हुआ। सूत्रों की मानें तो वहां अब किसान आपत्ति कर रहे हैं और यह बता रहे हैं कि हम भी प्रभावित हैं और मुआवजा राशि नहीं मिला है। जबकि देखा जाए तो उक्त जमीन का भू-अर्जन करीब 17 साल पहले 2008-09 में हुआ है। वहीं 2010-11 में अवार्ड पारित हो चुका है।
करीब सप्ताह भर पूर्व उद्योग विभाग द्वारा महापल्ली व सियारपाली की 24 हेक्टेयर भूमि का अधिपत्य सीएसआईडीसी को दिया गया।

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जिसके बाद सीएसआईडीसी यहां पर औद्योगिक पार्क के लिए विकास कार्य कराने सीमांकन कराया। कुछ दिन पूर्व सीमांकन करने के लिए टीम जब पहुंची तो पता चला कि वहां करीब 14 ओर भू-स्वामी दावा कर रहे हैं। इसको लेकर उद्योग विभाग व सीएसआईडीसी दोनों यह सोंचने पर मजबूर हो गए हैं कि आखिर खाता कैसे बढ़ गया। आपत्ति के कारण सीमांकन नहीं हो पाया था। हालांकि अधिकारी दबी जुबां से खाता बढऩे की बात को स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन कोई खुलकर कहने को तैयार नहीं नहीं है। अधिकारियों की मानें तो जल्द ही उक्त प्रस्तावित क्षेत्र का सीमांकन होगा जिसमें वास्तविकता सामने आने की बात कही जा रही है।

कैसे बढ़ा खाता उठ रहा है सवाल
किसी भी उद्योग के लिए विशेष क्षेत्र के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद खरीद-बिक्री पर रोक लग जाती है, लेकिन यहां अवार्ड होने के बाद बंटवारा व खरीद-बिक्री होने की बात सामने आ रही है। पंजीयन विभाग व राजस्व विभाग के कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहा है। यही कारण है कि इस मामले में जांच नहीं किया जा रहा है।

अब अनजान बन रहे हंै विभाग के अधिकारी
कुछ दिन पूर्व हुए सीमांकन के बाद अवार्ड के पहले प्रभावित किसान व अवार्ड के बाद जो दावा कर रहे हैं उन किसानों की सूची जांच के लिए राजस्व विभाग को देने की बात सामने आ रही थी। लेकिन उक्त सूची के बारे में सीएसआईडीसी, राजस्व विभाग, व उद्योग विभाग तीनों अपने आपको अनजान बता रहे हैं।

-हमने अवार्ड के समय प्रभावित किसानों की सूची व वर्तमान में बढ़े हुए खातेदारों की सूची राजस्व विभाग को दिया है। उसमें जांच किया जा रहा है- सीमोन एक्का, सीजेएम सीएसआईडीसी

-हमारे पास ऐसे कोई सूची नहीं मिली है। उसमें सीमांकन होना है इसके लिए तिथि तय किया गया है। सीमांकन के बाद स्पष्ट होगा कि कैसे खाता बढ़ा है - एनके चौबे, तहसीलदार, रायगढ़