
रायगढ़. वन कर्मचारी संघ ने विभाग की नीतियों पर सवाल उठाते हुए अपनी १२ सूत्री मांग को लेकर सोमवार को एक दिवसीय धरना दिया। उसके बाद पर्यावरण पार्क से डिवीजन कार्यालय तक रैली निकाल कर अपना विरोध दर्ज कराया। संघ के पदाधिकारियों को एक प्रतिनिधी मंडल, डीएफओ को ज्ञापन सौंंप पर अपनी मांगों का पूरा करने की वकालत की। विदित हो कि पांच अप्रैल से वन कर्मचारी संघ, अनिश्चिकालीन हड़ताल पर जाने वाले है। जिससे विभागीय कार्य, प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
वेतन विसंगति, सेट-अप पुनरीक्षण, पुलिस की तर्ज पर नक्सल व संवेदनशील क्षेत्र में काम करने वाले वनकर्मियों को जोखिम भत्ता, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को नियमितिकरण सहित करीब एक दर्जन मांगों के साथ वन कर्मचारी संघ की रायगढ़ शाखा ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए नजर आए। जिसकी अगुवाई वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र ठाकुर कर रहे थे। सबसे पहले कर्मचारी संघ के पदाधिकारी व सदस्य, पर्यावरण पार्क में एकत्रित होकर एक बैठक की। जिसमें बार-बार धरना प्रदर्शन व ज्ञापन के जरिए अपनी मांगों को रखने के बावजूद कोई ठोस पहल राज्य सरकार द्वारा नहीं की गई। जिसकी वजह से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
ड्यूटी के नाम पर फिल्ड के करीब करीब हर कर्मचारी से 24 घंटे कार्य लिया जा रहा है। पर वेतन व अन्य सुविधाओं की बात पर विभाग उदासीन हो जा रहा है। जिसकी वजह से विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी मांगों की वकालत करनी पड़ रह है। बैठक के बाद पर्यावरण पार्क से एक रैली निकाली गई। जो डीएफओ कार्यालय तक पहुंची। जहां मुख्यमंत्री, वन मंत्री, वन विभाग के सचिव व अन्य के नाम लिखे गए ज्ञापन की कौपी को डीएफओ को सुपुर्द किया गया।
चौथे चरण का है यह आंदोलन
वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि यह चौथे चरण का विरोध प्रदर्शन है। 12 मांगों को लेकर इससे पहले ५ मार्च को काली पट्टी लगा कर काम किया गया था। उसके बाद ९ को जिला स्तर पर जबकि १६ को राज्य स्तर पर धरना दिया था। अब पांच मार्च से संघ, अनिश्चिकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। जानकारों की माने तो संघ के इस हड़ताल से विभाग के कई कार्य प्रभावित होंगे। जिसे लेकर विभागीय अधिकारी की मुश्किलें, बढ़ सकती है।
Published on:
26 Mar 2018 07:03 pm
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