20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

न मांगी मदद न मचाया शोर, व्यस्ततम मार्ग पर हो गई चार लाख रुपए की लूट

राइमिलर के स्टाफ से लूट मामले में हर दिन आ रहा नया मोड़

2 min read
Google source verification
राइमिलर के स्टाफ से लूट मामले में हर दिन आ रहा नया मोड़

राइमिलर के स्टाफ से लूट मामले में हर दिन आ रहा नया मोड़

रायगढ़. सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत राइमिलर के स्टाफ से दिनदहाड़े हुए चार लाख के लूट मामले में हर दिन नई-नई चीजें सामने आ रही है। अब पीडि़त पुलिस से कह रहा है कि जिस समय उसके साथ लूट हुई उस वक्त उक्त मार्ग से कई दुपहिया-चारपहिया वाहन भी गुजर रहे थे, लेकिन भय के वजह से उसने किसी से मदद नहीं मांगी। जबकि पुलिस का मानना है कि अगर उक्त मार्ग काफी व्यस्ततम है।

वह सड़क एक मिनट भी खाली नहीं रहता। अगर पीडि़त ने किसी से मदद मांगी होती या शोर मचाया होता तो शायद लूट ही नहीं होती और आरोपी भी राहगीरों की मदद से पकड़ा जाता।

Read more : व्यापारियों ने बढ़ा दिया मक्के का दर तो केंद्रों में पूरी तरह से खरीदी हुई ठप


पुलिस का कहना है कि इस घटना के बाद से पीडि़त विरेन्द्र ही पुलिस के शक के घेरे में आ रहा है। इसके पीछे कारण यह है कि घटना के दिन विरेन्द्र ने फोन पर अपने मालिक को दो लोगों द्वारा घटना को अंजाम देना बताया था, लेकिन टीआई के सामने तीन आदमी बोला। जबकि पुलिस को उसने बताया कि उसके साथ लूट 12.25 बजे हुई है।

जबकि उक्त समय में विरेन्द्र सीसीटीवी फुटेज में दिखाई ही नहीं दे रहा है। वह 12.34 में उक्त मार्ग से गुजरते हुए दिख रहा है। इसके अलावा तीन-चार दिनों लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद भी पीडि़त आरोपियों को पहचान नहीं पा रहा है। चूंकि घटना के समय उक्त मार्ग से एक बाइक में तीन सवारी वाले कई लोग आवागमन किए हैं। कभी वह किसी को आरोपी बताता है तो कभी किसी और के ऊपर संदेह व्यक्त करता है। जिससे पुलिस भी कनफ्यूज हो गई है। हालांकि पुलिस लगातार फुटेज खंगाल रही है।


क्या था मामला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार खरसिया निवासी राजेश कुमार अग्रवाल पिता स्व. रामचंद्र अग्रवाल (51) का फगुरम जिला जांजगीर-चांपा में हनुमान राइसमिल है। 28 मई की सुबह राजेश ने अपने स्टाफ विरेन्द्र राठौर को सरिया के व्यापारी सभापति साहू के यहां धान का पेमेंट लेने भेजा था। जहां से विरेन्द्र एक बैग में चार लाख रुपए लेकर वापस फगुरम जा रहा था। जैसे ही वह मानिकपुर मोड़ के पास पहुंचा तो पल्सर बाइक में सवार तीन नकाबपोश युवकों ने उसका रास्ता रोका और उसके साथ मारपीट करते हुए चार लाख रुपए को लेकर सरिया की तरफ भाग गए।