
रायगढ़. रायगढ़ जीआरपी की टीम ने साउथ बिहार एक्सप्रेस से चार संदिग्ध महिलाओं को पकड़ा है, जिकना मुख्य पेशा तो भीख मांगना है। पर उसकी आड़ में वो यात्रियों का सामान की उठाईगिरी के साथ पॉकेटमारी का काम भी करती हैं। जीआरपी ने इससे पहले भी उक्त महिलाओं को उठाईगिरी के मामले में पकड़ा है। खरसिया रेलवे स्टेशन से पकड़ी गई महिलाओं को रायगढ़ लाया गया है, जहां उनके सामान की तलाशी लेने के साथ पूछताछ की जा रही है।
रायगढ़ जीआरपी की टीम इन दिनों 70 लाख के सोना चोरी मामले में संदिग्धों की धर पकड़ कर रही है। इस कड़ी में जीआरपी जवानों को सिविल ड्रेस में ट्रेनों के अंदर पेट्रोलिंग ड्यूटी लगाई गई है। डाउन साउथ बिहार एक्सप्रेस को स्कार्ट करते हुए आ रहे जीआरपी जवान नवल सिंह की नजर चार महिलाओं पर पड़ी। जिनकी गतिविधियां संदिग्ध थी। वहीं खरसिया रेलवे स्टेशन पर भीड़ के बीच स्लीपर कोच में चढ़ रहे यात्रियों के पीछे काफी देर से खड़ी थी।
इसके बाद जीआरपी की टीम ने उक्त महिलओं को रायगढ़ लेकर आई। जहां उन्होंने अपना नाम सीता बाई पिता शीतलाल 40 वर्ष अड़बहाल, विमला बाई पति स्व. संतोष 55 वर्ष बाराद्वार, सरीता पति शिवा 30 वर्ष व उसकी सास रामेश्वरी पति शिव भगत धमदेह 50 वर्ष बताया। जीआरपी ने उनके सामानों की तलाशी के बाद बताया कि पकड़ी गई महिलाओं में दो विमला व रामेश्वरी को जीआरपी की टीम ने टे्रनों में उठाईगिरी के मामले में पहले भी पकड़ा है, जिनके खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
बैग से आर्टिफिशियल ज्वेलर्स मिले
महिला के सामान की जांच के दौरान उनके बैग में कुछ आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी मिले हैं। जिसे महिलाएं अपना बता रही हैं। वहीं गर्मी अधिक होने की वजह से उसके शरीर से उतार कर बैग में रखने के बात कह रही है। उनके बैग में कुछ नशे के सामान भी मिले हैं। जीआरपी सभी बिंदुओं को ध्यान में रख कर मामले की जांच कर रही है।
Published on:
24 Apr 2018 05:27 pm
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