
सीसीएफ उडऩदस्ता प्रभारी का हैमर हुआ चोरी, तो कोटा रेंज का हैमर किया इस्तेमाल
रायगढ़. रायगढ़ वन मंडल के तमनार और घरघोड़ा रेंज में जांच के लिए आई सीसीएफ उडऩदस्ता टीम ने एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है। उडऩदस्ता टीम के प्रभारी शैलेष बघेल का हैमर (शासकीय चिन्ह) जांच के दौरान कहीं खो गया तो उन्होंने इस सच्चाई को दबाते हुए कोटा रेंजर के दौरान उन्हें आवंटित हुए हैमर का उपयोग कर डाला। जब इस मामले की जानकारी सीसीएफ अरुण पाण्डेय को हुई तो उन्होंने कोटा रेंज के हैमर को जब्त करवाया है और इस मामले में जांच बैठाते हुए उडऩदस्ता प्रभारी और उनकी टीम को तलब किया है। वहीं इस पूरे मामले से रायगढ़ वनमंडल के डीएफओ सहित संबंधित एसडीओ और आरओ अंजान हैं।
जानकारी के मुताबिक सीसीएफ अरुण पाण्डेय को रायगढ़ वनमंडल के घरघोड़ा और तमनार रेंज में बड़े पैमाने पर अवैध पेड़ों की कटाई की शिकायत मिली थी। इस पर उन्होंने अपने उडऩदस्ता प्रभारी शैलेष बघेल को पूरी टीम के साथ घरघोड़ा और तमनार क्षेत्र में जांच करने के लिए भेजा था। बघेल यहां एक हफ्ते पहले ही जांच करके बिलासपुर लौटे और मामले में लीपापोती कर शिकायत को गलत बता दिया। उन्होंने थोड़े-बहुत ही पेड़ कटने की बात कही।
बघेल ने यह सब इसलिए किया क्योंकि सीसीएफ कार्यालय से उसे आवंटित हैमर कार्रवाई के दौरान कहीं चोरी या खो गया। इससे उसने कोटा रेंजर रहते हुए मिले हैमर का उपयोग यहां किया और मामले में लीपपोती करते हुए टीम बिलासपुर लौट गई। इसके बाद जब इस बात की जानकारी सीसीएफ बिलासपुर को हुई तो उन्होंने बघेल को तलब कर उनसे कोटा रेंज का हैमर जब्त कराया और इस मामले की जांच करते हुए टीम के सभी सदस्यों व प्रभारी को शुक्रवार शाम को अपने कार्यालय में तलब किया है। सीसीएफ ने इस मामले सख्त कार्रवाई की बात कही है।
शासकीय चिन्ह का किया गया दुरुपयोग
दरअसल हैमर वन विभाग द्वारा आवंटित एक शासकीय चिन्ह है, जिसका उपयोग केवल वही कर सकता है, जिसे वह आवंटित है। इतना ही नहीं यदि यह हैमर कहीं खो जाए या चोरी जाए तो २४ घंटे के अंदर संबंधित थाने में इसकी रिपोर्ट कराकर अधिकारियों को सूचित करना होता है। सीसीएफ उडऩदस्ता प्रभारी ने न तो कोटा रेंजर रहते हुए हैमर को अब तक जमा किया था और उसके बाद जब उनका सीसीएफ उडऩदस्ता का हैमर चोरी हो गया तो मामले को दबाते हुए कोटा रेंज के हैमर का उपयोग कर डाला, जो कि शासकीय कार्य में घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है।
रायगढ़ डीएफओ को जानकारी ही नहीं
इस बारे में जब रायगढ़ वनमंडल के डीएफओ मनोज पाण्डेय से बात की गई तो उन्होंने इस बारे में कोई भी जानकारी न होने की बात कही। उनका कहना है कि यदि ऐसा है तो वह पता लगाकर बता पाएंगे, जबकि इसके बारे में घरघोड़ा और तमनार रेंज के रेंजर को जानकारी थी, फिर भी उन्होंने डीएफओ को इसकी जानकारी देना मुनासिब नहीं समझा। इससे साफ है कि रेंजर ने अपनी गलती की लीपापोती के एवज में इस सच्चाई को सभी से छिपाया और इतना ही नहीं वह और भी गलत कार्य डीएफओ से छिपाकर करते होंगे।
इस तरह किया सारा खेल
दरअसल सीसीएफ उडऩदस्ता प्रभारी का हैमर (शासकीय चिन्ह) का नंबर बीपी ९ था और कोटा रेंज के हैमर का नंबर आरए ६० था। इन दोनों हैमर को लेकर सीसीएफ उडऩदस्ता प्रभारी शैलेष बघेल चलते थे और जब उनसे निरीक्षण के दौरान सीसीएफ बिलासपुर का हैमर गुम गया तो उन्होंने उसकी सच्चाई को छिपकर कोटा रेंज का हैमर उपयोग किया और अपनी टीम को बताया कि ०९ नंबर गलत छपकर ६० हो गया है।
~उडऩदस्ता प्रभारी ने हैमर गुम जाने की सूचना को दबाते हुए कोटा रेंज के हैमर का उपयोग किया है। उन्होंने कोटा रेंज का हैमर प्रभार के दौरान जमा न कर लापरवाही की है। हैमर को जब्त कर लिया गया है। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी- अरुण पाण्डेय, सीसीएफ, बिलासपुर
Published on:
06 Dec 2018 11:00 pm
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