
हाथियों के झुंड ने गन्ने के खेत में मचाया आतंक, करदी सारी फसल तहस-नहस
रायगढ़। CG News: उल्लेखनीय है कि धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की मौजुदगी हर समय रहती है। मौजूदा समय में पूरे वन मंडल में 77 हाथियों दल विचरण कर रहा है। इसमें धरमजयगढ़ रेंज में चार हाथियों की मौजुदगी है। इसमें आमगांव व उदउदा में एक-एक हाथी है। वहीं रुपुंगा में दो हाथियों का दल विचरण कर रहा है।
हालांकि इस क्षेत्र में नुकसान की बात सामने नहीं आई है। वहीं छाल में 73 हाथियों का दल अलग-अलग क्षेत्र में विचरण कर रहा है। इसमें छाल में ही 22 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इस दल में शामिल हाथियों ने आरएफ क्रमांक 513 के क्षेत्र में केला पेड़, पाइप व एक ग्रामीण के मकान को नुकसान पहुंचाया। वन विभाग के अधिकारियों ने यहां हाथियों से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों का चार प्रकरण दर्ज किया है।
वहीं छाल रेंज के बोजिया में सबसे अधिक हाथी विचरण कर रहे हैं। यहां 46 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। बोजिया क्षेत्र के आरएफ 14 में 35 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। वहीं पीएफ 505 में 11 हाथियों का का दल विचरण कर रहा है। इस क्षेत्र के लोटान व नवापारा में हाथियों के दल ने धान, गन्ना व सब्जी की सफल को नुकसान पहुंचाया। वहीं पाइप व अन्य सामान को क्षतिग्रस्त किया है। उक्त दोनों गांव में 11 किसान हाथियों से प्रभावित हुए हैं। साथ ही औंरानारा, पुरुंगा, लोटान व गलीमार गांव में भी हाथियों का दल विचरण कर रहा है।
वन अमला भी बेबस
इधर वन विभाग के अधिकारी भी हाथियों में रोकने में बेबस हैं। हालांकि विभाग की ओर से यह कहा जाता है कि वन अमला हाथियों पर लगातार नजर रखे हुए है। जहां भी हाथी मौजूद रहते हैं वहां के ग्रामीणों को मुनादी के माध्यम से अलर्ट किया जाता है। ताकि वे रात होने के बाद जंगल की ओर नहीं जाए। वहीं हाथियों से किसी प्रकार की छेड़खानी नहीं करने के लिए भी जागरूक करता है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि हाथियों के साथ छेड़खानी होने पर ज्यादा नुकसान की संभावना रहती है।
हाथियों को लेकर क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल था। सुबह होने पर ग्रामीण खेत पहुंचे तो हाथियों ने किसानों की सफल को बर्बाद कर दिया था। मामले की जानकारी मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और नुकसान का आंकलन किया। वहीं इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी, ताकि किसानों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति मिल सके।
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दहशत में ग्रामीण
हाथियों को लेकर क्षेत्रवासियों में दहशत की स्थिति देखी जा रही है। स्थिति यह है कि शाम होने के बाद हाथी प्रभावित क्षेत्र वाले ग्रामीण अपने घरों में ही कैद हो जाते हैं। वहीं यदि आवश्यक कार्य से गांव से बाहर आना पड़ता है तो टोलियों में आते हैं। गांव के नजदीक हाथी होने की सूचना पर कई बार ग्रामीणों को टोली में रतजगा भी करना पड़ता है, ताकि गांव की ओर हाथी आए तो हो-हल्ला करते हुए उसे भगाया जा सके।
Published on:
25 Nov 2023 03:34 pm
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