
परेशान पत्नी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस सूदखोर को बुलाई थाने, जांच शुरु
रायगढ़. सूद पर लिए गए एक लाख रुपए का जब 5 माह से ब्याज नहीं पटा तो सूदखोर ने अपने भाड़े के गुंडे भेज कर मैकेनिक को उसके गैराज से उठवा लिया। मैकेनिक ने जैसे-तैसेे इस बात की जानकारी पत्नी को दी। जिसके बाद पत्नी भागते हुए कोतवाली पहुंची और सूदखोर द्वारा पति का अपहरण करने की बात बताई।
पुलिस ने संबंधित सूदखोर की खोज खबर ली। तब वो अपने कब्जे में रखे गए मैकेनिक के साथ थाने पहुंचा। जहां खुद को बेगुनाह साबित करने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस के अधिकारी उसे फटकार लगाते हुए मामले की जांच में जुट गए हैं।
रायगढ़ शहर में सूदखोरी का जाल इस कदर फैला है कि गरीब व मध्यम वर्ग के लोग अपने घर के कागजात से लेकर एटीएम कार्ड, चेकबुक व गहनों के साथ मंगलसूत्र तक गिरवी रखे हैं। कई साल तक ब्याज पटाने के बावजूद सूदखोर को मूलधन ज्यों के त्यों खड़ा रहता है। कुछ ऐसा ही मामला बुधवार को कोतवाली पहुंचा।
जब जूटमिल चौकी क्षेत्र की एक महिला ने अपने पति के सूदखोर द्वारा अपहरण करके ले जाने की सूचना दी। एक पल के पुलिस के अधिकारी भी हैरान हो गए। उसके बाद कालिंदीकुंज में रहने वाले छत्रपाल सिंह को थाने बुलाया। मामला थाने तक पहुंचते देख छत्रपाल, महिला के पति के साथ थाने पहुंचा।
पीडि़त पति से बताया कि वो उर्दना स्थित एक गैराज में काम करता है। करीब 9 साल पहले उसने छत्रपाल सिंह से एक लाख रुपए, 10 प्रतिशत ब्याज पर लिया था। एक लाख रुपए का 10 प्रतिशत यानि 10 हजार रुपए वो प्रतिमाह छत्रपाल सिंह को दे रहा है। पिछले 5 माह से काम नहीं होने की स्थिति में ब्याज का पैसा नहीं पटा सका।
जिसकी वजह से आए दिन छत्रपाल ङ्क्षसह का फोन आता था। वो मेरे घर भी पहुंच कर गाली गलौज कर मेरी पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार करते थे। बुधवार की सुबह मेरे गैरेज में 4 लोग पहुंचे और बोले कि तुम्हें छत्रपाल सिंह बुला रहे हैं चलो। जब मैने बाद में मिलने की बात कही तो वो बलपूवर्क मुझे गाड़ी में बैठा कर उनके घर ले गए। इस बीच मैने अपने मोबाइल से पत्नी को फोन कर दिया था। जिसके बाद वो थाने पहुंच कर पूरी जानकारी पुलिस को दी।
घर का कागज भी सूदखोर के पास
पीडि़त दंपत्ति ने बताया कि एक लाख रुपए सूद के एवज में सूदखोर छत्रपाल सिंह ने हमारी घर के कागजात को भी रखा है। बतौर गारंटी के रुप में लिए गए जमीन के कागजात अभी भी छत्रपाल सिंह के पास हैं। दंपत्ति ने बताया कि 9 साल से ब्याज के रुप में छत्रपाल को 5 लाख रुपए से अधिक की राशि दे चुका है। पर उनका मूलधन का एक लाख रुपए ज्यों के त्यों बना हुआ है। जिसकी वजह से काफी परेशानी है। पुलिस मामले की जांच की।
पिछले दिनों एसपी के आदेश पर हुई थी कार्रवाई
रायगढ़ जिले में 3-4 माह पहले एसपी दीपक झा के आदेश पर एक के बाद एक चर्चित सूदखोरों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की। पीडि़तों की शिकायत पर बकायदा उनके खिलाफ अपराध दर्ज कर जेल दाखिल किया गया। जिससे सूदखोरी के धंधे में लगे लोगों की मनमानी पर अंकुश लगे थे। पर एक बार फिर सूद देने के नाम पर गरीबों व जरुरतमंदों का खून चूसने का खेल बदस्तूर शुरु हो गया है। जिसपर लगाम लगाने की दरकार है।
Published on:
22 Aug 2018 08:52 pm
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