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खनन माफियाओं को नहीं किसी का डर, नदियों का सीना चीर कर धड़ल्ले से कर रहे रेत का उत्खनन

- लैलूंगा क्षेत्र में नहीं थम रहा अवैध रेत उत्खनन व परिवहन का अवैध कारोबार

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खनन माफियाओं को नहीं किसी का डर, नदियों का सीना चीर कर धड़ल्ले से कर रहे रेत का उत्खनन

खनन माफियाओं को नहीं किसी का डर, नदियों का सीना चीर कर धड़ल्ले से कर रहे रेत का उत्खनन

लैलूंगा. तहसील क्षेत्र लैलूंगा से अवैध उत्खनन के सम्बन्ध में लगातार आ रही शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन निष्क्रिय है। इसके चलते क्षेत्र में खनन माफियाओं द्वारा नदियों से रेत उत्खनन कर अवैध परिवहन करना लगातार जारी है। यहां की स्थिति यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों की शह पर खनन माफियाओं का यह धंधा दिन दुना रात चौगुना वाली कहावत के साथ फलफूल रहा है। क्षेत्र में सुबह 6 बजे से देर रात तक खुलेआम आवैध रेत परिवहन करते वाहनों को देखा जा सकता है।

गौरतलब है की विगत दिनों कुछ लोगो की शिकायतों पर लैलूंगा के नव पदस्थ तहसीलदार एके सोम ने १२ व १३ अक्टूबर की देर शाम रत से भरे छह ट्रेक्टरों की धरपकड़ कर कार्रवाई की गई थी। लेकिन कार्रवाई के बाद तहसीलदार ने पकड़ी गई सभी गाडिय़ों को तहसील परिसर में चंद घण्टे खड़ा कराकर अज्ञात कारणों की बात कहते हुए छोड़ दिया। जबकि १३ अक्टूबर की देर शाम मामले की जानकारी मिलने पर तहसील कार्यालय पहुंचने पर आरोपी बताए जाने वाले चारो ट्रैक्टर ड्राइवरों को परिसर में बैठा कर रखा गया था। उस दौरान उनसे पूछताछ किए जाने पर उन्होंने स्वयं रेंत परिवहन संबंधी किसी भी प्रकार के कागजात उपलब्ध होने से स्पस्ट इंकार किया था। इस दौरान ड्राइवरों से पुछताछ किए जाने पर ट्रैक्टर थाना क्षेत्र पत्थलगांव के बता कर ट्रेक्टर में लदी रेंत स्थानीय गहिरा आश्रम में निर्माणाधीन भवन हेतु परिवहन करना कबूल किया गया था।

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ऐसे में घटनाक्रम के महज दो घंटो के भीतर उन्हें छोड़े जाने पर सवाल उठ रहे है। गौरतलब है कि इस दौरान तहसीलदार का पदभार संभाले डिप्टी कलेक्टर एके सोम से इस सम्बन्ध में जानकारी लेने हेतु संपर्क किए जाने पर उनका फोन बंद आता रहा। इस संबंध में लोगों ने बताया कि विगत 12 अक्टुबर की देर शाम भी तहसीदार लैलूंगा द्वारा अवैध रेंत से लदे दो ट्रेक्टरों की धरपकड़ कर उन्हें तहसील कार्यालय पर खड़ा कराया गया था। इस दौरान भी सम्बंधित ट्रैक्टर मालिकों के साथ आए कुछ दलालों के माध्यम से बातचीत कर मामला वहीं खत्म कर दिया गया। लेन देन कर दोनों ट्रैक्टर महज दो घंटे में छोड़ दिए गए।

उल्लेखनीय है कि राज्य में आदर्श आचार संहिता लगने के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को किसी भी तरीके की शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करने का निर्देश है। जिसके तहत पूरे प्रदेश में शिकायतों पर कार्यवाही भी की जा रही है, लेकिन लैलूंगा एक ऐसा तहसील क्षेत्र है, जहां कितनी भी शिकायत कर लो, लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होगी।

विभागीय अधिकारियों पर लग रहे आरोप
क्षेत्र में अवैध रेंत खनन एवं तस्करी का दुसरा मामला 17 अक्टुबर का है। जिसमे नगर पंचायत लैलूंगा के वार्ड क्रमांक 6 में स्तिथ बूढीकुटेंन घाट से खारुन नदी की रेंत का अवैध उत्खनन किए जाने के दौरान डॉयल 112 के माध्यम से इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को दी गई थी। जिसके बाद शिकायतकर्ता की मौजूदगी में थाना लैलूंगा के कर्मचारियों द्वारा रेंत से लदे दो ट्रैक्टरों की धरपकड़ कर उन्हें थाना परिसर लाया गया। और कुछ घंटों की खानापूर्ती के बाद रात के आठ बजे दोनों ट्रेक्टर छोड़ दिए गए। ऐसे में अब क्षेत्र में कानून व्यवस्था का जिम्मा संभाले दो प्रमुख विभागों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे है। और स्थानीय लोगों द्वारा जिला प्रशासन से इस पुरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की जा रही है।

-वार्ड क्रमांक 6 स्तिथ बूढीकुटेन घाट पर दर्शन महन्त द्वारा खारुन नदी से रेंत का अवैध उत्खनन कर मेरी निजी जमीन पर डम्प किया जा रहा था। जिसकी शिकायत डॉयल 112 के माध्यम से पुलिस प्रशासन को किए जाने के बाद पुलिस कर्मियों द्वारा मेरी मौजूदगी में मौके पर दोनों ट्रेक्टरों को जप्त कर थाने लाया गया। फिर देर रात खबर मिली की दोनों ट्रेक्टर छोड़ दिए गए है। जबकि इस पर खनिज अधिनियम के तहत कार्यवाही की जानी थी। अमित शुक्ला, भू-स्वामी एवं स्थानीय निवासी

-इस संबंध में मौखिक जानकारी मिली है। जिसकी जांच कराई जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी। अभिषेक गुप्ता, एसडीएम लैलूंगा

-पकडे गए ट्रेक्टर कोटवार के थे। कागजात दुरुस्त ना होने की वजह से वाहनों पर मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत कार्यवाही कर फिलहाल उन्हें छोड़ दिया गया है। बोनिफेस एक्का, टीआई लैलूंगा