
ओवर बर्डन के मामले में चल रही जांच, एसईसीएल के रायगढ़ जीएम सहित दो बड़े अधिकारियों का तबादला
रायगढ़. एसईसीएल की बरौद कालरी में बिजिलेंस टीम द्वारा छापामार कार्रवाई करते हुए ओवर बर्डन मामले में करोड़ो की गड़बडी पकडऩे के बाद अब इसमें जांच शुरू कर दिया है। इस जांच को किसी भी तरह से प्रभावित न किया जा सके इसे देखते हुए इस मामले के आरोपी बरौद के एरिया मैनेजर उपेन्द्र कुमार और जिले के वरिष्ठ महाप्रबंधक राजेश कुमार का तबादला कर दिया गया है। साथ ही साथ इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ जांच का प्रतिवेदन भी मुख्यालय भेजा गया है। वरिष्ठ महाप्रबंधक रायगढ़ के पद से राजेश कुमार को हटाते हुए उनकी जगह डी श्रीनाथ को भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक ओवर बर्डन मामले की शिकायत जब एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में की गई तो वहां से एक विजलेंस की टीम यहां मामले की जांच करने पहुंची थी। जांच के दौरान अकेले बरौद कालरी के भीतर तीन करोड़ से भी अधिक की गड़बडी सामने आई थी जिसने जिले के वरिष्ठ महाप्रबंधक तथा बरौद के एरिया मैनेजर की संलिप्तता साफ तौर पर पाई गई थी।
इसके अलावा कुछ और अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है, जिन पर जल्द ही गाज गिर सकती है। लगभग 20 दिन पहले बिजिलेंस टीम ने बरौद कालरी के भीतर ओवर बर्डन मामले में गड़बड़ी पकड़ी थी। आपको बता दें कि अधिकारियों ने इस मामले को दबाने का भी प्रयास किया था।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बिलासपुर से आई बिजिलेंस टीम ने कोयला खदान के भीतर मिट्टी हटाने के काम में बिना कोई कार्य किए करोड़ों का भुगतान संबंधित ठेकेदार को करना बताया था और मौके पर जांच में इसका खुलासा हुआ कि कैसे एरिया मैनेजर ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर मिट्टी हटाने के काम में कागजों पर ही 3.50 करोड़ का भुगतान करना बता दिया। इतना ही नहीं ओवर बर्डन में की गई गड़बड़ी उस वक्त पकड़ में आई जब मुख्यालय में इसकी शिकायत किसी ने लिखित तौर पर भेजते हुए जांच की मांग की थी।
सूत्रों की मानें तो लगातार पांच दिनों तक मेजरमेंट तथा वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के बाद ओवर बर्डन के पेमेंट में पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया। इसके बाद बिजिलेंस टीम ने एसईसीएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक राजेश कुमार तथा बैराद के एरिया मैनेजर उपेन्द्र कुमार सहित अन्य कई अधिकारियों के खिलाफ जांच प्रतिवेदन कलकत्ता भेजा है। साथ ही साथ बिलासपुर मुख्यालय में भी पूरी जांच रिपोर्ट सौंपते हुए इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुसंशा की गई है।
इसके बाद मुख्यालय ने वरिष्ठ महाप्रबंधक राजेश कुमार एवं बरौद एरिया मैनेजर उपेन्द्र कुमार के स्थानांतरण का आदेश जारी करते हुए दोनों को मुख्यालय अटैच किया है। बावजूद इसके अधिकारी इसको दबाने में लगे हैं। चूंकि जिले में कोयले के कारोबार में हर साल अरबो की गड़बडी होती रही है और यह गड़बडी बिना वरिष्ठ अधिकारियों की सहमति बिना नही हो सकती थी। ओवर बर्डन का फर्जीवाड़ा एक छोटा सा उदाहरण है जबकि एसईसीएल के खदानों में ग्रेड के कोयले में उठाव पर मोलभाव का मामला अभी भी सुर्खियों में है। इस पर लेन देन के जरिए करोड़ो का भुगतान हर माह होता है। बहरहाल देखना यह है कि दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद एसईसीएल का मुख्यालय ऐसे मामलों पर कार्रवाई करता है या नहीं।
जामपाली में भी हुआ है ओवर बर्डन में बड़ा फर्जीवाड़ा
एसईसीएल की बरौद खदान में ओवर बर्डन की शिकायत सही पाए जाने के बाद अब जामपाली में भी इससे बड़ा फर्जीवाडा होनें की शिकायत बिलासपुर मुख्यालय में की गई है। जिसमें वहां के एरिया मैनेजर ने पूरी फाईल को दबाते हुए चार करोड़ से भी अधिक का भुगतान निकाल लिया है। इतना ही नही जामपाली खुली खदान खुलने के बाद से ओवर बर्डन में गड़बड़ी शुरू हो गई थी।
सूत्र यह भी बताते हैं कि बरौद में बिजिलेंस टीम के छापे के बाद जामपाली के एरिया मैनेजर अपनी गडबड़ी छुपाने के लिए मुख्यालय के अधिकारियों को सफाई देते हुए इस पर आंच नहीं आने देना चाहते थे लेकिन अब जामपाली में भी ओवर बर्डन ने करोड़ों की गड़बड़ी संंबंधी शिकायत हो चुकी है। संभावना है कि जल्द ही यहां भी बिजिलेंस की टीम छापा मार कार्रवाई कर सकती है।
-मामले की जांच अभी चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही जानकारी दी जा सकती है। मिलिंद चहांदे, पीआरओ, एसईसीएल बिलासपुर
Published on:
28 Oct 2018 05:59 pm
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