
शहर सहित अंचल के देवी मंदिरों में आस्था के दीप हुए प्रज्वलित
रायगढ़। Chhattisgarh News: रविवार से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गया है, जिससे सुबह से ही शहर सहित अंचल में भक्ती का माहौल देखने को मिला । इस दौरान शहर के प्रसिद्ध बूढ़ी माई मंदिर, राजापारा स्थित समलेश्वरी मंदिर, अनाथालय स्थित दुर्गा मंदिर, केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड के समीप दुर्गा मंदिर सहित अंचल के सभी देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्त पहुंचने लगे थे, और भक्तों ने पूजा-पाठ किया।
साथ ही शाम होते ही सभी मंदिरों में मनोकामना ज्योत भी जलाई गई। जानकारों की माने तो साल में चार नवरात्र आते हैं, लेकिन दो गुप्त नवरात्र होता है, वहीं चैत नवरात्र व शारदीय नवरात्र के नौ दिनों में माता के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। जिसको लेकर लोगों में काफी उत्साह रहता है, ऐसे में रविवार को शारदीय नवरात्र शुरू हुआ है, जिससे पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की गई। अब नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक सुबह से लेकर देर शाम तक पूजा-अर्चना का दौर जारी रहेगा।
मां शैलपुत्री की विशेषता
इस संबंध में पंडितों का कहना है कि इस बार शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हुआ है, ऐसे में पद्म योग में घट स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की गई है। साथ ही यह भी बताया जाता है कि मार्कण्डेय पुराण के अनुसार देवी का यह नाम हिमालय के यहां जन्म होने से पड़ा। मां शैलपुत्री को अखंड सौभाग्य का प्रतीक भी माना गया है। जिससे नवरात्रि के प्रथम दिन योगीजन अपनी शक्ति मूलाधार में स्थित करते हैं व योग साधना भी करते हैं। साथ ही स्त्रियों के लिए उनकी पूजा करना श्रेष्ठ और मंगलकारी माना गया है।
मंदिरों में जले आस्था के दीप
नवरात्र के दिनों में भक्त अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए अलग-अलग देवी मंदिरों में आस्था के दीप जलाते है, इस दौरान चंद्रपुर स्थित चंद्रहासिनी माता मंदिर में घी व तेल का करीब 5500 ज्योति जलाई गई है, इसके साथ ही बंजारी माता मंदिर में करीब 3000 ज्योत तथा उर्दना स्थित महामाया मंदिर में 241 ज्योत तथा शहर के सबसे प्राचीन बुढी माई मंदिर में इस बार 1800 मनोकामना ज्योति जलाई गई है। इसके साथ ही भगवानपुर स्थित पूज्य मां अघोर शक्ति पीठ मंदिर में 151 मनोकामना ज्योति जलाई गई है। इसके अलावा शहर के अनाथालय मंदिर, केवड़ाबाड़ी स्थित दुर्गा मंदिर व अन्य मंदिरों में भी ज्योति कलश प्रज्वलित हुआ है।
आज होगी मां ब्रम्हचारिणी की पूजा
नवरात्र के दूसरे दिन छत्र योग में माता ब्रम्हचारिणी की आराधना की जाएगी, जिसके लिए सभी तैयारियां पहले से ही कर ली गई है। शारदीय नवरात्र में मंदिरों में भक्तों की काफी भीड़ रहती है, जिससे सभी मंदिरों में भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि किसी को दिक्कतों का सामना न करना पडे़।
Published on:
16 Oct 2023 01:47 pm
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