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तीन युवकों ने सामने से हाथ देकर बाइक सवार युवक को रूकवाया, पीछे से चौथे ने पकड़ा गर्दन और लूट ले गए पर्स, कुछ ही पल में पीडि़त ने ये किया

-युवक ग्रामीणों की मदद से आरोपियों का पीछा किया और एक युवक को पकड़ लिया गया

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तीन युवकों ने सामने से हाथ देकर बाइक सवार युवक को रूकवाया, पीछे से चौथे ने पकड़ा गर्दन और लूट ले गए पर्स, कुछ ही पल में पीडि़त ने ये किया

तीन युवकों ने सामने से हाथ देकर बाइक सवार युवक को रूकवाया, पीछे से चौथे युवक ने पकड़ा गर्दन और लूट ले गए पर्स, कुछ ही पल में पीडि़त ने ये किया

रायगढ़. पुसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत रात के समय लूट की धटना थमने का नाम नहीं ले रही है। कुछ माह पहले ही एनटीपीसी के एक कर्मचारी के साथ लूट की घटना हुई थी। उसके आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। नौ अक्टूबर की रात भी बाइक सवार चार लोगों ने एक युवक का रास्ता रोककर लूट की घटना को अंजाम दिया। युवक ग्रामीणों की मदद से आरोपियों का पीछा किया और एक युवक को पकड़ लिया गया। इसके बाद पकड़े गए युवक ने सभी का नाम बता दिया और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी देवेन्द्र कुमार दुबे पिता तनक राम दुबे (38) ग्राम कैथा थाना हसौद जिला जांजगीर-चांपा हाल मुकाम पुसौर के ग्राम सुर्री का रहने वाला है। वह जिंदल पावर प्लांट रायगढ़ में ठेकेदारी का काम करता है। साथ ही साईं कंस्ट्रक्शन में साइड इंचार्ज है। रोजाना की तरह 09 अक्टूबर की रात्रि 09 बजे ड्यूटी समाप्त होने पर वह जिंदल प्लांट से अपनी बाइक में अपने घर ग्राम सुर्री जा रहा था। तभी ग्राम सुर्री के पास बेहाली खार एवं डीही धर्सा के बीच पहुंचा था कि सामने से तीन लड़के प्रार्थी को हाथ देकर रुकवाए। तब वह अपनी बाइक को रोक दिया। उसी समय एक युवक पीछे से आकर देवेन्द्र के गले को दबा दिया और दूसरा युवक उसके पेंट के जेब से पर्स और मोबाइल को निकाल लिया। पुलिस ने बताया कि पर्स में करीब 800 रुपए थे।
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आरोपियों से हुई धक्का-मुक्की
पुलिस ने बताया कि लूटपाट करने के बाद आरोपी बाइक में सवार होकर भाग रहे थे। तभी प्रार्थी को सामने से एक बाइक आती दिखी। ऐसे में उसका हिम्मत बढ़ा और उसने बाइक में बैठे आरोपियों को धकेल दिया। जिससे वे नीचे गिर गए। फिर वे तीनों उठकर प्रार्थी को जमीन पर पटक कर मारने लगे। पकड़े जाने के भय से सभी आरोपी दर्राडीपा खेत की तरफ भागने लगे।

एक आरोपी पकड़ाया
उसी समय उस मार्ग से ग्राम सुर्री का एक व्यक्ति गुजर रहा था। जिसे प्रार्थी ने पहचान लिया और घटना के बारे में बताया। कुछ देर गांव के अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और आरोपियों को ढूंढने लगे। तभी उन्हें ग्राम लोहरसिंह का साजन महंत पिता बोधन महंत संदिग्ध हालत में मिला। जिसे इन्होंने पूछताछ किया तो उसने अपना जुर्म कुबुल करते हुए बताया कि जय कुमार खडिय़ा पिता उदयराम खडिय़ा, दीपक टंड, दिनेश गुप्ता के साथ मिलकर उसने घटना को अंजाम दिया है। इसके बाद घटना सूचना मिलते ही पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।