
जब आई हिसाब देने की बारी तो पूर्व मंत्री उल्टे जनता से मांग रहे जवाब, पढि़ए क्या है माजरा...
रायगढ़। ग्रामीणों ने सरकार की व्यवस्था से तंग आकर मोबाइल वितरण शिविर का बहिष्कार कर दिया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री भी पहुंचे थे। लोगों ने उन्हें घेर लिया, बहस चल ही रही थी कि इसी दौरान किसी ने पूर्व विधायक के कार्य से वर्तमान विधायक के कार्य की तुलना कर दी और कहा कि वो ही अच्छा था। फिर क्या था पूर्व मंत्री भड़क गए और इतना भड़के कि जनता से ही इस बात का जवाब मांगने लगे कि बताओ किसने कितना काम किया है।
आपको बता दें कि प्रदेश में भाजपा सरकार के पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया की पत्नी सुनीति राठिया वर्तमान में भाजपा से ही इस विधानसभा की विधायक हैं। वहीं जिस पूर्व विधायक की बात हो रही है वो पूर्व विधायक कांग्रेस से ह्दयराम राठिया थे जो वर्तमान में जोगी कांग्रेस से विधानसभा प्रत्याशी हैं।
दरअसल हुआ ये कि लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के गेरवानी में शासन की ओर से मुफ्त स्मार्ट फोन वितरण का शिविर गुरुवार को आयोजित किया गया था। इस शिविर में मोबाइल वितरण के लिए भाजपा सरकार के पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया पहुंचे हुए थे। लेकिन मामला तब पलट गया जब गेरवानी के लोगों ने मोबाइल लेने से ही इंकार कर दिया और विरोध प्रदर्शन करने लगे। लोगों की पीड़ा यह थी कि गेरवानी गांव में ओडीएफ के तहत लोगों से शौचालय तो बनवा लिया गया है लेकिन उनको आज तक प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई है।
कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने प्रोत्साहन राशि दिलवाने के लिए कलक्टर से भी गुहार लगाई है। बड़ा मामला तो ये है जब ग्रामीण प्रोत्साहन राशि के मामले में शिकायत करने पहुंचे थे तो उन्होंने यह आरोप भी लगाया है कि गांव के सरपंच की ओर से प्रोत्साहन राशि के नाम पर दो लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई है। ये रिश्वत भी अधिकारियों के नाम पर मांगी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रिश्वत नहीं देते हैं तो प्रोत्साहन राशि नहीं देने की स्थिति निर्मित कर दी गई है। हलंाकि गेरवानी के सरपंच ने इससे इंकार किया है लेकिन ग्रामीण अपनी आरोप पर कायम हैं।
Published on:
31 Aug 2018 01:12 pm
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