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विकास यात्रा में बवाल से बचने किसानों के बीच तीन करोड़ बीमा क्लेम बांटने की तैयारी

करीब 55 हजार 353 किसानों का किया गया है बीमा, लेकिन अभी तक एक भी किसानों के खाते में क्लेम की राशि नहीं दी गई है।

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विकास यात्रा में बवाल से बचने किसानों के बीच तीन करोड़ बीमा क्लेम बांटने की तैयारी

रायगढ़. फसल बीमा के तहत किसानों को क्लेम की राशि विकास यात्रा के पहले जारी करने का निर्देश दिया गया है ताकि विकास यात्रा के दौरान ये कोई मुद्दा न बने और किसानों के आक्रोश का शिकार न होना पड़े।

विदित हो कि जिले में खरीफ फसल के दौरान करीब 55 हजार 353 किसानों का बीमा किया गया है। जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार करीब साढ़े तीन हजार किसानों के बीच तीन करोड़ रुपए का बीमा क्लेम बांटने की तैयारी है। जिले में इस बार 6 तहसील को सूखा प्रभावित बताया गया था, फसल कटाई प्रयोग के बाद जिले के तीन तहसील को सूखा घोषित किया गया।

इन तहसीलों में राहत राशि वितरण हुए महिनों बीत गया, लेकिन अभी तक बीमा राशि का पता नहीं है। जबकि देखा जाए तो फसल कटाई प्रयोग रिपोर्ट के आधार पर ही दोनो का क्लेम तैयार किया जाता है। जिले में निजी बीमा कंपनी के द्वारा करीब 55 हजार 353 किसानों का बीमा किया गया है लेकिन अभी तक एक भी किसानों के खाते में क्लेम की राशि नहीं दी गई है। लोक सुराज व ग्राम स्वराज के बाद अब विकास यात्रा की तैयारी चल रही है।

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विकास यात्रा में कहीं यह मुद्दा न बन जाए इसको लेकर दो दिन पहले राजधानी में एक बैठक आहुत कर शासन से कृषि विभाग और संबंधित बीमा कंपनी के अधिकारियों को विकास यात्रा के पहले पूरे क्लेम की राशि किसानों के खातो में जमा करने का निर्देश दिया है। बैठक में मिले निर्देश के बाद अब संबंधित कंपनी और कृषि विभाग के अधिकारी क्लेम जारी करने की तैयारी में जुट गए हैं।

जिले में बंटेगा साढ़े तीन करोड़ का क्लेम
पिछले वर्ष पूरे जिले में सारंगढ़ के एक गांव में 46 किसानों को करीब ३ लाख रुपए का क्लेम मिला था। इस बार साढ़े तीन हजार से अधिक किसानों को करीब 3 करोड़ से अधिक का क्लेम वितरण किया जाएगा। इसके लिए कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि क्लेम बनाकर तैयार कर लिया गया है।

आकड़ों पर है आपत्ति
वर्तमान स्थिति में 55 हजार 353 किसानेां का बीमा हुआ है लेकिन इसके पहले बीमित किसानों की संख्या में अंतर था। जांच में यह बात सामने आई थी कि जितना रकबा है उससे अधिक का बीमा कर दिया गया है। इसको लेकर बीमा कंपनी ने भी आपत्ति जताई थी। इसके बाद मामले की जांच की गई और आंकड़ों में संशोधन किया गया।

इस आधार पर तय होता है क्लेम
बीमा कंपनी के अधिकारी श्रवण सिंह ने बताया कि क्रॉप्ट कटिंग के दौरान एसएलआर, कृषि विभाग और कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहते हैं। सभी के उपस्थिति में होने वाले इस प्रयोग रिपोर्ट के आधार पर ही क्लेम तैयार किया जाता है। पिछले साल एक गांव के करीब 46 किसानों को बीमा का लाभ मिला था। इस बार साढ़े तीन हजार किसानों को बीमा क्लेम दिया जाएगा।

-उच्च अधिकारियों द्वारा फसल बीमा का लाभ जल्द से जल्द ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए निर्देश मिले हैं। जिले में करीब 3 हजार से अधिक किसानों को साढ़े ३ करोड़ का क्लेम वितरण किया जाना है- हरिश राठौर, नोडल अधिकारी