
रायगढ़ जिले को लेकर कलक्टर की फटकार
रायगढ़. आरटीई के तहत शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया में पिछले रायगढ़ जिले को लेकर कलक्टर की फटकार पड़ी तो जिला टॉप पर पहुंच गया। वहीं पिछले तीन साल में पहली बार यह देखने को मिला कि आरक्षित सीटों की तुलना में अधिक आवेदन शिक्षा विभाग को मिला है। हालांकि ऑनलाईन इंट्री के बाद प्रवेश की प्रक्रिया में भी अभी तक जिले का नाम टॉप पर आ रहा है।
ज्ञात हो कि इस बार शिक्षा के अधिकार के तहत प्रवेश की प्रक्रिया को ऑनलाईन कर दिया गया था जिसके कारण प्रक्रिया शुरू होने के पखवाड़े भर बाद तक की स्थिति में 4549 सीटों में महज 59 आवेदन मिले थे। इस हिसाब से जिले का नाम काफी पीछे चल रहा था।
इसको लेकर कलक्टर शम्मी आबिदी ने समीक्षा बैठक बुलाकर डीईओ, बीईओ और नोडल अधिकारियों को फटकार लगाई थी। जिसके बाद शिविर लगाकर लोगों से आवेदन लेने व इंट्री करने की प्रक्रिया शुरू की गई। वर्तमान में देखा जाए तो आरटीई के तहत आए आवेदनों जांच करते हुए ऑनलाईन इंट्री करने तक की प्रक्रिया में प्रदेश में जिले का नाम पहले नंबर पर आ रहा है।
यही नहीं शिविर लगाने के बाद 342 स्कूलों के 4549 सीटों के लिए जिले में 6138 आवेदन आए। प्रदेश के 27 जिलों में आवेदनों की संख्या पर गौर किया जाए तो रायगढ़ का नाम चौंथे स्थान पर आया है। सबसे अधिक आवेदन रायपुर, दूसरे नंबर में दुर्ग, तीसरे में बिलासपुर और चौंथे स्थान पर रायगढ़ का नाम शामिल है।
हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि प्रथम से लेकर तृतीय स्थान तक आने वाले जिले रायगढ़ की तुलना में काफी बड़ा है और वहां स्कूलों की संख्या भी अधिक है। कुल मिलाकर देखा जाए तो पिछले तीन साल में पहली बार यह देखने को मिला है कि आरक्षित सीट से अधिक आवेदन आए हैं।
नहीं तो इसके पूर्व वर्षों में देखा जाए तो करीब 7 से 8 सौ आरक्षित सीट रिक्त रह जाता था जिसमें गरीब बच्चों को प्रवेश तो दूर उनसे आवेदन ही नहीं ले पाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ और आरक्षित सीट की अपेक्षा 1589 आवेदन अधिक आए हैं। हालांकि इसमें कुछ रिजेक्ट हुए हैं, लेकिन यह माना जा रहा है कि पूरे आरक्षित सीट का लाभ इस वर्ग के बच्चों को मिलेगा।
प्रक्रिया पूर्णता पर
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो इस वर्ष आरटीई में प्रवेश के लिए आए आवेदन में इंट्री का काम पूरा हो गया है। वहीं परीक्षण का काम भी नोडल अधिकारियों द्वारा करते हुए प्रवेश कराया जा रहा है जिसमें परीक्षण का काम भी लगभग पूर्ण होने की बात कही जा रही है। यह दावा किया जा रहा है कि सप्ताह भर के भीतर सभी प्रायवेट स्कूलों में आरक्षित सीटों में प्रवेश दिला दिया जाएगा। वहीं यह बताया जा रहा है कि इस बात को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
शिक्षण गुणवत्ता में भी सबसे आगे
डॉ. एपीजे अब्दूल कलाम शिक्षण गुणवत्ता अभियान में भी जिले का नाम प्रदेश में पहले स्थान पर आया है। 16 बिंदुओं पर पूरे प्रदेश में किए गए आंकलन में जिले का नाम प्रथम स्थान पर है। वहीं संकुल शैक्षणिक समन्वयकों द्वारा शाला निरीक्षण, रचनात्मक शिक्षण पद्वति, सहित अन्य क्रिया कलाप में दूसरे और पठन-लेखन कौशल, संवाद गणितीय कौशल सहित अन्य क्षेत्र में जिले का नाम तीसरे स्थान पर है।
-आरटीई के तहत ऑनलाईन इंट्री व भर्ती की प्रक्रिया में प्रदेश में सबसे आगे जिले का नाम है। वहीं आवेदन संख्या में देखा जाए तो वर्तमान स्थिति में चौथे स्थान पर है। आवेदन का परीक्षण कर प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया चल रही है।
-आरपी आदित्य, डीईओ रायगढ
Published on:
28 Jun 2018 05:03 pm
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