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शादी का झांसा देकर करता रहा दुष्कर्म, फिर प्रेमिका को लेकर भागा पुणे, ऐसे पकड़े गए

भागा प्रेमी जोड़ा पुणे में पकड़ाया
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रायगढ़

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 21 May 2018, 4:33 PM IST

chhattisgarh news

शादी का झांसा देकर करता रहा दुष्कर्म, फिर प्रेमिका को लेकर भागा पुणे, ऐसे पकड़े गए

रायगढ़. घटना लैलूंगा थाना क्षेत्र की है। साल २०१७ में शादी समारोह में मिले एक किशोरी को एक युवक ने अपने प्यार के जाल में फंसा लिया। इसके बाद उसके साथ कई बार अनाचार करता रहा। एक दिन आरोपी युवती को भगा कर कहीं ले गया, जिसके गुमशुदगी की रिपोर्ट पर पुलिस प्रेमी जोड़े की पतासाजी कर रही थी। आखिरकार पुलिस दोनों को पुणे महाराष्ट्र से पकडक़र रायगढ़ ले आई है। वहीं किशोरी को बयान के बाद उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया है। साथ ही आरोपी युवक के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे रिमांड में भेजने की तैयारी की जा रही है।

ऐसे मिले दोनों

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार लैलूंगा थाना क्षेत्र में रहने वाली १७ वर्षीय किशोरी साल २०१७ में अपनी बुआ जोकि थाना पत्थलगांव क्षेत्र की रहने वाली है उसके यहां शादी समारोह में शामिल होने गई थी। उस दौरान उसकी मुलाकात बीजापारा लुड़ेग निवासी जयसिंह बंजारा पिता गोपी बंजारा २५ वर्ष से हुई। शादी में नाचने-गाने के दौरान जयसिंह ने किशोरी को अपने प्यार के जाल में फंसा लिया। इसके बाद जब तक किशोरी वहां रही उसे अपने घर ले जाकर उसके साथ लगातार अनाचार भी किया। शादी समाप्त होने के बाद किशोरी वापस अपने घर आ गई।

दो माह बाद फिर शुरू हुई प्रेम कहानी

किशोरी ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि उसके घर आने के दो माह बाद दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी। २५ अप्रैल २०१७ को जयसिंह ने किशोरी से लिए हुए नंबर पर उसे फोन किया। इसके बाद किशोरी को लुड़ेग बाजार मिलने के लिए बुलाया। प्रेमी द्वारा बुलाने पर उसकी प्रेमिका उससे मिलने चली गई। इसके बाद आरोपी ने किशोरी को पत्नी बनाने की बात कहते हुए अपने घर ले गया।

कहा रानी बनाऊंगा और कराता था मजदूरी

अपने बयान में किशोरी ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे रानी बनाकर रखने की बात कहते हुए अपने घर तो ले गया था, जहां दो दिन रखने के बाद उसे बिलासपुर ले गया। जहां दोनों कुली-मजदूरी का काम कर जीवन यापन करने लगे। १५ दिन बिलासपुर में रखने के बाद जायसिंह किशोरी को रायपुर ले गया। वहां भी १५ दिन वे मजदूरी का काम किए। इसके बाद सीधा पुणे चले गए। जहां ०९ महीना तक रुक कर वहां मजदूरी कर रहे थे।

किशोरी के पिता ने की पत्थलगांव में रिपोर्ट

किशोरी के लापता हो जाने पर उसके पिता ने इसकी रिपोर्ट पत्थलगांव में की थी, जहां धारा ३६३ के तहत अपराध दर्ज कर आठ महीने बाद केस डायरी लैलूंगा थाने भेजी गई। इसके बाद लैलूंगा पुलिस मामले की विवेचना में लग गई।

कॉल डिटेल में किया खुलासा

लैलूंगा पुलिस ने जब आरोपी का कॉल डिटेल निकाला तो उनके पुणे महाराष्ट्र में होने की बात सामने आई। इसके बाद लैलूंगा थाने से एएसआई माधवराम साहू, आरक्षक १३१ निरंतर मिंज, महिला आरक्षक २४८ सुनीता लकड़ा व किशोरी के पिता १६ मई को पुणे के लिए निकले। काफी मशक्कत और खोजबीन के बाद १७ मई की रात्रि ०९ बजे पुलिस ने दोनों को पुणे के उंडरी से पकड़ा। इसके बाद २० मई को रायगढ़ पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में किशोरी का बयान दर्ज कर उसके पिता को सौंप दिया है। वहीं आरोपी के खिलाफ धारा ३६३ के अलावा ३६६, ३७६, ४-६ पास्को एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है।