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सुबह आश्वासन देकर लौटे, दोपहर में शिकायत

निर्माण होना है इसके लिए बिना भू-अर्जन

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निर्माण होना है इसके लिए बिना भू-अर्जन

रायगढ़. पुसौर के बिंजकोट में सेतु निर्माण होना है इसके लिए बिना भू-अर्जन किए ही ग्रामीणों के जमीन पर काम चालू कर दिया गया। इसको लेकर ग्रामीणों के विरोध पर भू-अर्जन व संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को लिखित में चार माह के अंदर भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरा करने का आश्वासन दिया और लौट गए।


दोपहर बाद उक्त ग्रामीण जिला प्रशासन के पास शिकायत करने के लिए पहुंच गए और पहले मुआवजा देने के बाद ही काम चालू कराने की मांग की। पुसौर के बिंजोकोट से ग्राम मिड़मिड़ा के बीच केलो नदी में सेतु निर्माण का कार्य स्वीकृत हुआ है।


बनाई जाएगी सड़क
बताया जाता है कि सेतु के साथ ही साथ सड़क निर्माण भी होना है इसमें ग्रामीणों की जमीन प्रभावित हो रही है। प्रभावित जमीन का अधिग्रहण करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कुछ समय पूर्व ही समाजिक समाघात के तहत जनसुनवाई आयोजित करवाई गई थी, जिसमें ग्रामीणों से चर्चा भी की गई थी, लेकिन एकाएक भू-अर्जन के आगे की प्रक्रिया पूरी हुए बगैर ही यहां पर ठेकेदार ने काम शुरू कर दिया। जिसको लेकर ग्रामीणों ने विरोध करते हुए काम बंद करा दिया है। ग्रामीणों द्वारा कलक्टर से किए गए लिखीत शिकायत में बताया गया है कि सड़क व सेतु निर्माण में प्रभावित हो रही कृषि जमीन के एवज में शासकीय दर के हिसाब से उचित मुआवजा राशि प्रदान किया जाए जिसके बाद यहां पर निर्माण कार्य चालू किया जाए।


नहीं तो करेंगे आंदोलन
किसानों का यह भी कहना है कि उक्त निर्माण कार्य तब तक चालू नहीं करने दिया जाएगा जब तक किसानों मुआवजा राशि नहीं मिल जाती है। अगर राजस्व विभाग मुआवजा राशि देने के पहले निर्माण कार्य शुरू करता है तो इसका पुरजोर विरोध करते हुए उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल प्रभावित इस मामले में न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।


राजस्व विभाग पर लगाया आरोप
किसानों ने शिकायत के माध्यम से राजस्व विभाग पर यह भी आरोप लगाया गया है कि सड़क व पुलिया निर्माण में प्रभावित होने वाले $कृषि जमीन के लिए प्रभावित किसानों को अभी तक कोई सूचना नहीं दी गई है और विभाग समाजिक समाघात के तहत जनसुनवाई पूरी होने की बात कर रही है।