22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सूखी मांड नदी को पार कर रहे ग्रामीण पर हाथियों ने कर दिया हमला

छाल रेंज में एक बार फिर हाथियों के उत्पात के बीच एक ग्रामीण की मौत

2 min read
Google source verification
छाल रेंज में एक बार फिर हाथियों के उत्पात के बीच एक ग्रामीण की मौत

छाल रेंज में एक बार फिर हाथियों के उत्पात के बीच एक ग्रामीण की मौत

रायगढ़/ कुड़ेकेला. धरमजयगढ़ के छाल रेंज में एक बार फिर हाथियों के उत्पात के बीच एक ग्रामीण की मौत हो गई। कुड़ेकेला बीट स्थित सूखी मांड नदी को पार करने के दौरान ग्रामीण का सामना हाथियों से हो गया। जो बरबसपाली की ओर जा रहे थे। बुधवार देर रात हुए इस घटना की जानकारी ग्रामीणों को गुरुवार की सुबह हुई। वन विभाग द्वारा पीडि़त परिवार को 25 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता राशि दी गई है।


बुधवार की देर रात सूखी मांड नदी को पार करने के दौरान ग्रामीण, हाथियों के निशाने पर आ गया। जिससे उसकी मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान, छाल रेंज के बरबसपाली निवासी धाधराम राठिया पिता मोतीराम 45 वर्ष के रूप में हुई है। जो रामायण व अन्य धार्मिक गतिविधियों मे गायन का काम भी करता था।


18 अप्रैल की रात करीब 9 बजे धाधराम, मांड नदी को पार कर दूसरे गांव जा रहा था। हलांकि उसके दूसरे गांव जाने की वजह को लेकर वन विभाग, पुलिस व परिजन भी असमंजस में है। देर रात धाधराम के घर नहीं लौटने पर परिजन परेशान हुए। पर बिजली के अभाव के बीच उसे खोजने की पहल नहीं हो सकी। गुरुवार की सुबह जब ग्रामीण, मांड नदी के ओर गए तो धाधराम के शव को देखा। जहां हाथियों के पांव के निशान भी मिले हैं।


छाल पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच में जुट गई है। वहीं वन विभाग द्वारा हाथी से मौत को लेकर पीडि़त परिवार को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार जबकि शेष 3 लाचा 75 हजार रुपए, विभागीय कार्रवाई के बाद देने की बात कही गई है। इसकी पुष्टि छाल रेंजर सत्यव्रत दुबे भी कर रहे हैं।


10 दिन में दूसरी घटना
छाल रेंज में 10 दिनों के अंदर हाथी से दो ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। इससे पहले छाल रेंज के ही पुरुंगा गांव में जंगल से लगे खेत को देखते जा रहे 62 वर्ष के ग्रामीण को हाथियों ने अपना शिकार बनाया था। जिससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। धरमजयगढ़ वन मंडल में फिलहाल 96 हाथियों का दल मौजूद है।