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ऐसी रखी मांग कि पूरा करने में सखी सेंटर के छूटे पसीने, असंतुष्ट महिला ने पीएमओ से की शिकायत

महिला बाल विकास विभाग जांच में जुटी

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महिला बाल विकास विभाग जांच में जुटी

महिला बाल विकास विभाग जांच में जुटी

रायगढ़. शहर के एक महिला ने सखी सेंटर की कार्यशैली पर असंतुष्ट होने के साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर अहयोग का आरोप लगाया है। पीडि़ता ने इस मामले की शिकायत पीएमओ से की है। इधर संबंधित अधिकारी का कहना है कि महिला अपने शादीशुदा प्रेमी (बाद में शादी कर ली) को खोजने कर देने की मांग कर रही है।

पीडि़ता की परेशानी को देखते हुए सखी की टीम ने लैलंूगा पुलिस, संबंधित पंचायत में बैठक, एसपी तक पत्राचार कर उक्त युवक को पकडऩे की पहल की। पर कोई सफलता नहीं मिली। जिसकी वजह से महिला इस तरह की पहल कर रही है। विभाग यह भी कह रहा है कि पीडि़ता ने शिकायत की है तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र की युवती का लैलंूगा क्षेत्र के युवक से प्रेम हो गया। घर से दूर होकर दोनों ने कई साल तक एक साथ रहे। इस बीच उनका एक बच्चचा भी हुआ।

अचानक प्रेमी ने दूरी बनानी शुरु कर दी। बात में पता चला कि उसने अप्रैल 2017 में विधिवत शादी कर ली है। जब प्रेमिका को इस बात का पता चला तो उसने 4 माह बाद युवक से शादी कर ली। पर युवक द्वारा उससे दूरी बनाने का सिलसिला जारी था। जिससे परेशान होकर पीडि़ता ने अपने बच्चे के साथ सखी सेंटर में न्याय की गुहार लगाई। जिसमें पीडि़ता ने अपने मासूम बच्चे का हक दिलाने जैसी बातों का भी उल्लेख किया है।

करीब 9 माह का समय बितने के बाद पीडि़ता ने सखी सेंटर से खुद को असंतुष्ट बताते हुए इस मामले की पीएमओ से शिकायत की। जिसमें महिला संरक्षण अधिकारी चैताली राय विश्वास व काउंसलर किरण कश्यप की कार्यशैली पर सवाल भी उठाया है। पीएमओ से शिकायत करने के बाद उक्त मामले की जांच महिला बाल विकास विभाग द्वारा की जा रही है। हलांकि पीडि़ता के आरोप व विभाग के जवाब में कितनी सच्चाई है। यह कहना मुश्किल है। पर मामले की निष्पक्ष जांच हो तो पूरा मामला दूध का दूध व पानी का पानी हो जाएगा।

जनवरी से मई तक 8 बार हुई खोजबीन
इधर विभाग भी महिला के इस शिकायत से हैरान है। उनकी माने तो सखी सेटर की तत्कालीन केंद्र प्रशासक अर्चना लाल ने इस मामले में लैलंूगा पुलिस से इस वर्ष 3 जनवरी व 6 फरवरी को पत्राचार किया। उसके बाद संबंधित युवक के घर 2 बार नोटिस भेजी गई। पीडि़ता की सूचना पर दो बार परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायका को उसके घर पतासाजी के लिए भेजा गया। सखी सेंटर की टीम 20 अप्रैल को गांव में बैठक की।

जिसमें सरपंच व अन्य ग्रामीणों से उक्त युवक को पकड़वाने में मदद करने की बात कही गई। जब उसमें भी असफलता मिली तब 31 मई को रायगढ़ एसपी से उसे पकड़वाने को लेकर पत्राचार किया गया। 8 अलग-अलग माध्यमों से जिस लड़के को पुलिस नहीं पकड़ पा रही है। उसे सखी सेंटर द्वारा पकडऩे की मांग पीडि़ता कर रही है। जो काफी चौकाने वाला है।


-पीडि़ता की शिकायत पर सखी सेंटर द्वारा उक्त युवक को पकडऩे के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं। थाना, संबंधित को नोटिस, एसपी से पत्राचार भी किया जा चुका है। उसके बावजूद पीडि़ता ने अगर शिकायत की है। ऐसी स्थिति में मामले की जांच की जाएगी।
-टिकवेंद्र जाटवर, टीआई चक्रधर नगर, रायगढ़