
रायगढ़. एनटीपीसी रेल लाईन को लेकर पिछले दिनों कोतरलिया में हुए विरोध के बाद प्रशासन ने शनिवार को कोतरलिया हाई स्कूल परिसर में विशेष ग्राम सभा कराया। ग्राम सभा की बैठक में प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को मुआवजा राशि उठाने के लिए कहा जाता रहा जिस पर प्रभावित किसान चार गुना मुआवजा राशि की मांग को लेकर अड़े रहे।
किसानों का कहना था कि जब 20 गांव का भू-अर्जन एक ही तिथी में हुआ तो अन्य गांव के प्रभावितों को चार गुना और कोतरलिया में दोगुना क्यों। इस दौरान एडीएम रोक्तिमा यादव और एसडीएम प्रकाश सर्वे संशोधन नियमों का हवाला देते रहे।
करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद जब बात नहीं बनी तो सभा के कार्रवाई विवरण में दस्तखत करने के लिए कहा गया लेकिन प्रभावित किसान बिना दस्तखत किए वहां से उठकर बाहर चले गए। हांलाकि बाद में वहां उपस्थित कुछ लोगों द्वारा दस्तखत किया गया। उक्त ग्राम सभा में एमजीआर रेल परियोजना तलाईपापाली, प्रशासन की ओर से एडीएम रोक्तिमा यादव, एसडीएम प्रकाश कुमार सर्वे सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
सुधीर व वनमाली ने किया आपत्ति
सभा के दौरान सुधी गुप्ता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि रेल परियोजना के लिए की गई अधिग्रहण में जहां जमीन अधिक लिया गया है वहीं मुआवजा राशि कम दिया जा रहा है। इसके अलावा अन्य ग्राम में जहां चारगुना मुआवजा राशि दिया जा रहा है यहां पर दोगुना दिया जा रहा है। वनमानी ने भी मुआवजा संबंधित बात पर आपत्ति जताया।
अवार्ड में देरी का भुगत रहे खामियाजा
ग्रामीणों की माने तो सरकारी रिकार्ड के अनुसार करीब 20 गांव का प्रारंभिक अधिसूचना 31 अगस्त 2015 केा हुआ है लेकिन कोतरलिया के खसरा नंबर में त्रुटि होने के बाद अवार्ड पारित होने में देरी हुई। जिसके कारण अब दो गुना मुआवजा राशि मिलने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक त्रुटि के कारण देरी का खामियाजा ग्रामीण क्येां भुगतें।