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कॉल नहीं लगे या कॉल ना कर पाऊं तो समझना मर गई हूं… लगातार बंद मोबाइल के बीच परिजनों की बेचैनी बढ़ी

- पत्र से परिजनों को नसीहत, थाने मत जाना सीधे एसपी के पास जाना ठीक होगा

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कॉल नहीं लगे या कॉल ना कर पाऊं तो समझना मर गई हूं... लगातार बंद मोबाइल के बीच परिजनों की बेचैनी बढ़ी

रायगढ़. नौ अप्रैल की दोपहर से एक वीडियो को वायरल कर रहस्यमय तरीके से लापता हुई दुष्कर्म पीडि़ता के मामले में गुरुवार को एक नया मोड़ आ गया है। घर की तलाशी के दौरान टीवी के नीचे एक युवती का पत्र मिला है। जिसमें उसने अपने परिजनों से थाना की बजाए सीधे एसपी के पास जाने की नसीहत दी है। पत्र में यह भी लिखा हुआ है कि अगर मेरे मोबाइल नंबर पर कॉल नहींं लग पाए या फिर मैं कॉल नहीं कर पाऊं तो समझ लेना कि मैं इस दुनिया से चली गई हूं...। युवती के इस हस्ताक्षर वाले पत्र व लगातार बंद मोबाइल के बीच परिजनों की बेचैनी और बढ़ गई है।

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आपलोग थाने मत जाना, वहां पैसें लेकर पीडि़त की रिपोर्ट को नहीं लिखा जाता है। आप लोग का सीधे एसपी के पास जाना ठीक होगा...। यह बोल एक दुष्कर्म पीडि़ता के हैं। जो ७ अप्रैल को तमनार स्थित घर से निकली है, पर ९ अप्रैल की दोपहर से उसका मोबाइल लगातार बंद है। इस बीच परेशान परिजनों ने मामले की शिकायत कोतवाली के बाद रायगढ़ एसपी दीपक झा से भी की। अभी युवती की खोज चल ही रही थी कि उसके तमनार स्थित घर अंदर रखे टीवी के पास एक पत्र मिला है।

युवती के हस्ताक्षर युक्त पत्र में उसने, रायगढ़ के कपड़ा व्यवसायी से अपने प्रेम संबंध व शादी के नाम पर तीन साल तक शारीरिक शोषण का उल्लेख किया है। खास बात तो यह है कि युवती ने अपने पत्र में कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया है, जहां उसने करीब दो माह पहले शिकायत की थी। पर उसकी शिकायत को अनसुना कर दिया गया। यही वजह है कि युवती, इस मामले में परिजनों को 'थाना की बजाए एसपी के पास जाना ठीक होगाÓ जैसी बातों के रुप में नसीहत दे रही है। युवती ने इस पत्र में यह भी लिखा है कि अगर मेरे मोबाइल पर कॉल नहीं लगे या फिर मैं कॉल नहीं कर पाऊं तो समझना कि मैं इस दुनिया से चली गई हंू...।

पत्र पढ़ कर परिजनों की बढ़ी बेचैनी
लापता युवती के घर अंदर से पत्र मिलने के बाद परिजनों की बेचैनी बढ़ गई है। परिजनों की मानें तो उनकी बेटी जिंदा भी है या नहीं। इस बात को कुछ प्रमाण नहीं है। इस बीच उसका मोबाइल लगातार बंद आना व पत्र में फोन नहीं लगने पर युवती द्वारा मरने का उल्लेख करना, परिजनों को किसी अनहोनी का संकेत दे रहा है। हलांकि पीडि़त परिजनों की उम्मीद पुलिस के आला अधिकारी के इस बात पर टिकी है। जिसमें उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था।