
अपनों की घिनौनी करतूत
रायगढ़. बेटी बचाओ-बेटी पढाओ जिला रायगढ़ में एक बार फिर अपनों की घिनौनी करतूत सामने आई है। जब एक बच्ची को दुनिया देखने से पहले ही कपड़े में लपेट कर केलो नदी के जेल पारा पुल के नीचे झाडिय़ों में फेंक दिया गया। जिसकी सूचना मिलते ही जूटमिल चौकी प्रभारी दल-बल के साथ घटना स्थल पर पहुंच गई।
जिससे उक्त नवजात बच्ची के शव को कुत्तों का निवाला बनने से बचा लिया गया। बच्ची के शव को देख कर यह प्र्रतीत हो रहा है कि जन्म के कुछ देर बाद ही बच्ची को कपड़ा में लपेट कर प्लास्टिक थैले की मदद से फेंकने की पहल की गई है। जूटमिल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
कलेक्टोरेट से जेल पारा को जोडऩे वाली केलो नदी के जेल पुल के नीचे शनिवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई। जब एक नवजात बच्ची के शव को झाडियों में होने की सूचना बजरंग दल के जिलाध्यक्ष अविनाश चौहान ने पुलिस को दी। जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जूटमिल चौकी प्रभारी अंजना केरकेट्टा, सहयोगी पुलिस अधिकारी व जवानों के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की जांच में जुट गई है।
पुलिस ने बताया कि शव को देखने के बाद यह प्रतीत हो रहा है कि जन्म के कुछ देर बाद ही बच्ची को फेंका गया है। उसके प्रमाण भी बच्ची के शव को देख कर मिल रहा है। घटना स्थल से पुराने साड़ी के कपड़े, प्लास्टिक का थैला व कुछ अन्य सामान मिले हैं। पुलिस यह भी कह रही है कि उक्त बच्ची को शव को देख यी लग रहा है कि उसे पुल के उपर से गुजरने के दौरान ही फेंका गया है। किस्मत अच्छी थी कि समय पर पुलिस को इस बात की सूचना मिल गई। जिसकी वजह से बच्ची के शव को कुत्तों का निवाला बनने से बचा लिया गया।
पीएम के लिए भेजा अस्पताल
जूटमिल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। जहां दोपहर बाद बच्ची के शव का पीएम किया गया। पुलिस के अधिकारी ने बताया कि इस मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। वहीं इस मामले से संबंधित लोगों की खोजबीन की जा रही है।
लगाया झूला, फिर भी फेंके जा रहे है नवजात
नवजात बच्चों को फेंकने के बढ़ते मामले को देखते हुए महिला बाल विकास विभाग द्वारा सखी वन स्टॉप सेंटर, लोचन नगर स्थित मातृ नीलीयम व अन्य जगहों पर झूला लगाया है। जहां बच्चों को ऐसे फेंकने की स्थिति में उस झूला में रखने की व्यवस्था की गई है। जिसमें संबंधित पालक की गोपनीयता भी बरकरार रखी जाएगी। वहीं उक्त बच्ची को जीने का अधिकार भी मिल जाएगा। पर प्रचार प्रसार के अभाव में विभाग की इस पहल से अधिकांश लोग अंजान है। जिसकी वजह से ऐसी घटना आए दिन सामने आ रही है।
Published on:
18 Aug 2018 08:53 pm
