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आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं

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आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं

आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं

रायगढ़. जिले के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में महिला उत्पीडऩ को रोकने के लिए अब तक आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं हो पाया है। ऐसे में इन प्रतिष्ठानों में महिला उत्पीडऩ के शिकार पीडि़त वर्ग कहां शिकायत करेंगे। इसको लेकर महिला बाल विकास विभाग द्वारा उक्त प्रतिष्ठानों को पूर्व में पत्र लिखकर समिति का गठन करने के लिए भी कहा गया था लेकिन अभी तक गठन नहीं हो पाया है।


इसको लेकर फिर से विभाग ने पत्र लिखकर संबंधित प्रतिष्ठानों से समिति की जानकारी मांगी है साथ ही चेतावनी दी है कि समिति का गठन नहीं होने पर संबंधित प्रतिष्ठान संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशाखा गाइडलाइन जिले में लंबे समय से लागू हो चुकी है।


इस गाइडलाइन के तहत हर प्रतिष्ठान जहां ८-१० कर्मचारी हैं वहां विशाखा कमेटी के तहत आंतरिक परिवाद समिति का गठन होना है ताकि उक्त प्रतिष्ठान में अगर किसी महिला कर्मचारी अगर उत्पीडऩ की शिकार होती है तो सबसे पहले वह आंतरिक परिवाद समिति में शिकायत करेगी जिसमें समिति सुनवाई कर कार्रवाई करेगी।

संतोषप्रद कार्रवाई न होने की समिति में पीडि़त स्थानीय व जिला स्तरीय समिति में जाएगी जहां फिर से सुनवाई किया जाएगा। लेकिन जिले के १२० व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में अभी तक समिति का गठन नहीं हो पाया है। इसके कारण यहां अनहोनी घटना होने पर पीडि़त को या तो पुलिस के पास या फिर जिला स्तरीय समिति में ही शिकायत करना पड़ेगा।


समिति नहीं होने पर जुर्माने का है प्रावधान
विभाग की ओर से व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को दो बार पत्र जारी किया जा चुका है। बताया जाता है कि इसके बाद भी समिति नहीं बनी तो नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। उक्त अधिनियम के तहत ऐसे प्रतिष्ठानों को ५० हजार तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।


दोनो पर है कार्रवाई का प्रावधान
विशाखा गाइडलाइन के अनुसार देखा जाए तो महिला उत्पीडऩ के मामले सुनवाई के दौरान अगर शिकायत सही पायी गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है और अगर शिकायत गलत निकली तो शिकायकर्ता के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान दिया गया है।


सरकारी विभागों में भी नहीं बन पाई समिति
सूत्रों की माने तो जिले के कई सरकारी विभागों में भी समिति का गठन नहीं हो पाया है। हांलाकि महिला बाल विकास विभाग जिले के सभी सरकारी विभागों से जानकारी मांगी गई है, लेकिन कई विभाग ने अभी तक जानकारी नहीं दिया है। इसको लेकर नोटिस थमाने की तैयारी चल रही है।