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Human angle : जीवित मां को जायदाद के लिए पुत्र ने घोषित कर दिया मृत… पढि़ए बेटे की प्रताडऩा से आहत एक मां की कहानी

अब यह वृद्धा अपने हक के लिए एसडीएम के यहां चीख रही

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अब यह वृद्धा अपने हक के लिए एसडीएम के यहां चीख रही

अब यह वृद्धा अपने हक के लिए एसडीएम के यहां चीख रही

रायगढ़. वृद्धा को उसके बेटे ने कागजों में मारकर सांठ-गांठ करते हुए जमीन अपने नाम करा लिया और भू-अर्जन में मिली मुआवजा राशि को भी हथिया लिया। अब यह वृद्धा अपने हक के लिए एसडीएम के यहां चीख रही है कि मै जीवित हूं।

एसडीएम के यहां वृद्धा की उक्त अपील को खारीज कर दिया गया है और उसमें समय अवधि में अपील नहीं होने का हवाला दिया गया है।
इस मामले में वृद्धा ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत करते हुए मामले में अपराधिक प्रकरण दर्ज कर न्याय दिलाने की मांग की है। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम जुर्डा निवासी स्व. धोबाराम के नाम पर खसरा नंबर 4 में 2.347 हेक्टेयर कृषि भूमि थी। 15 अक्टूबर 1975 को धोबाराम की मौत होने के बाद 187 में उक्त जमीन जशावंती उर्फ जम्बोवती व उसके बड़े बेटे साधुराम के नाम पर दर्ज हो गया।

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पुलिस अधीक्षक को किए गए शिकायत में पीडि़ता ने बताया है जब इस बात की जानकारी लगी कि उक्त जमीन एनटीपीसी के रेल लाइन में जाने वाली है तो वर्ष 2013 में फर्जी तरीके से जम्बोवती का फौती कटवा दिया गया। पटवारी नूतन पैंकरा के अनुसार पंचनामा रिपोर्ट के आधार पर फौती काटना बताया जा रहा है। जबकि इसमें पंचनामा रिपोर्ट ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव ने मिलकर तैयार किया है।


कुल मिलाकर देखा जाए तो इस मामले में आपसी सांठ गांठ कर फौती कटवाकर वृद्धा को मृत बताते हुए जमीन को साधुराम व फूलजुड़ी के नाम पर करा लिया गया और भू-अर्जन में मिले मुआवजा राशि हथिया लिया गया। जब इस बात की जानकारी वृद्धा को लगी तो उसने एसडीएम भागवत जायसवाल के समक्ष उपस्थित होकर आवेदन दी और बताई कि वह जीवित है। साथ ही उसने प्रकरण का नकल निकालकर अपील लगाई, लेकिन उक्त अपील को खारीज कर दिया गया है वहीं इसमें समय अवधि में अपील के लिए आवेदन नहीं लगाने की बात कही गई है।

जिस पर पीडि़ता ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को शिकायत करते हुए सरपंच जयंत प्रधान, सचिव, पटवारी व अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज कर न्याय दिलाने की मांग की है।


फौती काटने के लिए पंचायत द्वारा तैयार पंचनामा व प्रस्ताव पर गौर किया जाए तो 12 जुलाई 2013 को पारित किया गया है जिसमें जुर्डा के सरपंच जयंत प्रधान, सचिव व अन्य लोगों द्वारा पारित प्रस्ताव में 15 वर्ष पूर्व जम्बोवती का मौत होना बताया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि मुआवजे के लिए सांठ-गांठ हुई है।


बेटी के यहां रहती थी वृद्धा, उठा लिया लाभ
पीडि़ता ने बताया कि उसके चार बेटियां है। साधुराम द्वारा लगातार अपनी मां जम्बोवती के साथ मारपीट कर प्रताडि़त किए जाने की घटना से तंग आकर वह गांव छोड़ अपने बेटी के यहां रहती थी। कई सालों से वह अपने बेटी के यहां रहकर किसी तरह जीविकोपार्जन कर रही है। इसी का लाभ उठाते हुए उसका फौती कटवा कर लाभ उठाया गया है। अब महिला न्याय की गुहार लगा रही है।


-फौती कटे काफी समय बीत गया है। वहीं इसमें अपील करने के लिए समय सीमा तय है। अपील में आने के बाद विलंब का कारण नहीं देने पर खारिज किया गया है। ऐसे प्रकरण में तीन बार समय दिया जाता है। आवेदक को लगता है गलत हुआ है तो उच्च न्यायलय में अपील कर सकता है।
-बी जायसवाल, एसडीएम, रायगढ़

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