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ग्रामीण बोले ‘हाथी ला मार देवा, हमन के जान लेत हे’ सीसीएफ बोले असंभव, तालमेल बिठाकर ही चलना होगा

एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी

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एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी

एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी

रायगढ़. धरमजयगढ़ वन मंडल में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी है।

इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए जब रविवार को सीसीएफ धरमजयगढ़ पहुंच कर पीडि़त परिवार से मिलने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में हाथियों का आतंक है उनसे मुक्ति दिलाई जाए। वहीं आक्रमक दंतैल हाथी को चिन्हित कर उन्हें मारने की मांग की। पर विभागीय अधिकारी ने हाथी को जंगल के अहम वन्यप्राणी का हवाला देते हुए मारने से साफ इंकार कर दिया। उनकी माने तो हाथियों से बचाव के तौर तरीकों के साथ ग्रामीणों को उनके संग तालमेल बिठा कर रहना होगा। जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।


धरमजयगढ़ के कोयलार में शनिवार को पति-पत्नी सहित दो मासूम बच्चों को हाथी ने पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में भय के साथ वन विभाग की कार्यशैली को लेकर काफी गुस्सा भी है। इस बीच रविवार की दोपहर सीसीएफ बी आनंद बाबू, एक दिवसीय दौरे पर धरमजयगढ़ पहुंचे।

जहां धरमजयगढ़ वन मंडल के अलावा रायगढ़, कोरबा , सरगुजा के विभागीय अधिकारियों की टीम पहले से मौजूद थे। टीम के साथ सीसीएफ ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उसके बाद कोयलार जाकर पीडि़त परिवार से मुलाकात कर ढांढस बांधा। इस बीच कुछ ग्रामीण, क्षेत्र में हाथियों के बढ़ते उत्पात व विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सीसीएफ के साथ अपने मन की बात कही। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र में आक्रमक व दंतैल हाथी को चिन्हित कर उन्हें जान से मार दिया जाए।

अन्यथा हम ग्रामीण, ऐसे ही एक-एक कर मरते रहेंगे। इस बात पर सीसीएफ ने कहा कि हाथी को मारना असंभव है। वो जंगल का एक अहम वन्यप्राणी है। उसके साथ इंसान को तालमेल बिठा कर ही रहना होगा। हाथी से बचाव के जो तौर तरीके हैं। उसे ग्रामीणों को अपने दिनचर्या में शामिल करना होगा। जिससे एक जंगल में रहने के बावजदू हाथियों से जान-माल के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाया जा सकता है। करीब एक से डेढ़ घंटे तक धरमजयगढ़ में रहने के बाद विभागीय अधिकारी रवाना हो गए।


क्षेत्र के ग्रामीणों में है भय का माहौल
धरमजयगढ़ वन मंडल में अभी भी बड़े पैमाने पर हाथियों का दल विचरण कर रहा है। जिसकी वजह से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। रविवार को अधिकांश ग्रामीणों ने जंगल की ओर रुख नहीं किया। इस बात की पुष्टि विभागीय अधिकारी भी कर रहे हैं। वहीं गांव में मातम का आलम था।


जब लाया शव, तब जाम खत्म
धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों द्वारा 4 की मौत की खबर मिलने के बाद भी विभागीय टीम, घटना स्थल पर पहुुंचनेे में परहेज कर रही थी। उनकी माने तो क्षेत्र में 26 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इस बीच नाराज ग्रामीणों ने जंगल से शव लाने तक जाम कर दिया। रात 10 बजे के करीब विभागीय टीम जंगल पहुंच कर शव को लेकर आई। उसके बाद नाराज ग्रामीणों ने रात साढ़े दस बजे जाम को खत्म किया।


अब हाथियों के पीछे रहेगी एक टीम
घटना स्थल व पीडि़त परिवार से मुलाकात के बाद सीसीएफ ने अपने अधिनस्थ अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की। जिसमें हाथी प्रभावित क्षेत्र के लिए नए सिरे से एक रोस्टर तैयार करने का आदेश दिया। इस रोस्टर के हिसाब से एक 5 सदस्य टीम को तैयार किया जाएगा। जो वाहन से हाथियों के पीछे-पीछे घूमने का काम करेंगे। वहीं हाथियों के विचरण वाले आगे के गांव व बस्ती के ग्रामीणों को अन्य विभागीय कर्मचारी के माध्यम से अलर्ट करने का काम करेंगे। जिससे भविष्य में ऐसी बड़ी वारदात ना हो सके।