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Breaking- सगे फूफा ने काटा था अपने मासूम भतीजे का सिर, पुलिस ने किया गिरफ्तार जारी है पूछताछ

सिर मिला आरोपी के खेत में, लैलूंगा थाना क्षेत्र की घटना

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सिर मिला आरोपी के खेत में, लैलूंगा थाना क्षेत्र की घटना

सिर मिला आरोपी के खेत में, लैलूंगा थाना क्षेत्र की घटना

रायगढ़. तालाब में सिरकटी लाश मिलने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कुछ ही घंटों में एक संदेही को पकड़ लिया था। आखिरकार संदेही ने अपना जुर्म कुबुल कर लिया है। संदेही कोई और नहीं बल्कि मृतक का सगा फूफा है। आरोपी के निशानदेही पर पुलिस ने बालक के सिर को उसके खेत स्थित तालाब से बरामद कर लिया है।

वहीं बालक का कपड़ा, टांगी को भी जब्त कर लिया गया है। इस घटना की खास बात यह है कि आरोपी ने पूरी कहानी पुलिस को बताई कि उसने बालक को कैसे मारा और धड़ अलग तथा सिर अलग-अलग जगह क्यों फेंका, लेकिन क्यों मारा का जवाब आरोपी के पास नहीं है। वह पुलिस से कह रहा है कि मैं नशे में था, पता नहीं उसे क्यों मारा...! फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे रिमांड में भेजने की तैयारी चल रही है। घटना लैलूंगा थाना क्षेत्र की है।


ज्ञात हो कि 26 अप्रैल की शाम से लापता मुड़ापार लैलूंगा निवासी विष्णु लोहार पिता पंचराम लोहार 07 वर्ष की सिरकटी लाश 28 अप्रैल की दोपहर 2 बजे घर से करीब ढाई किमी दूर स्थित तालाब में मिली थी।

जिसके धड़ को बोरी में भरकर उसमें पत्थर डालकर पानी में फेंका गया था। वहीं बालक के शरीर से सिर गायब था। जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा था कि मामला नरबलि का है। ऐसे में पुलिस व सैकड़ों ग्रामीण बालक के सिर को आसपास के मंदिरों में तलाश कर रहे थे। शव मिलने के कुछ ही घंटे बाद ही ग्रामीणों ने एक संदेही को पकड़ा था। ग्रामीणों का कहना था कि जब तालाब से बालक का शव निकला तो बालक का एक रिश्तेदार वहां से भागने लगा था। ऐसे में कुछ ग्रामीणों ने उसका पीछा किया और उसे ओडि़शा बार्डर के पास से पकड़ उसे पुलिस के हवाले कर दिया था।

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रातभर पुलिस ने संदेही से कड़ी पूछताछ की थी। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्मु कुबुल लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी दिलसाय लोहार 55 वर्ष ने मृतक के पिता पंचराम लोहार की बहन यानी के मृतक विष्णु की बुआ से शादी किया है। वहीं शादी के बाद से ही दिलसाय घरजमाई बनकर करीब 30 साल से पंचराम के ही घर में रह रहा है।

ऐसे दिया घटना को अंजाम
पुलिस की पूछताछ में आरोपी दिलसाय ने बताया कि मुड़ापार स्थित घर से उसका टमाटर बाड़ी करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। 26 अप्रैल की शाम वह अपने टमाटर बाड़ी जा रहा था। तभी घर के बाहर खेल रहा विष्णु लोहार भी अपने फूफा के पीछे-पीछे टमाटर बाड़ी चल दिया।

टमाटर बाड़ी पहुंचने के बाद आरोपी ने अपने पास रखे टांगी से विष्णु के सिर को धड़ से अलग कर दिया। वहीं उसके पेट को भी टांगी से फाड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने सिर को बाड़ी के किनारे स्थित तालाबनुमा गड्ढे में फेंक दिया और बालक के कपड़े तथा टांगी को बाड़ी के कोने में एक बड़े से पेड़ के नीचे छुपा दिया।

इसके बाद बालक के धड़ को बोरी में भरकर उसे पोकडेगा खाल्हेपारा स्थित तालाब में फेंक दिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बालक के सिर को उसके बाड़ी स्थित गड्ढे से बरामद कर लिया है, जोकि पानी की सतह पर तैर रहा था। वहीं घटना में उपयुक्त टांगी व कपड़े को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 363, 302, 201 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।


कहा नशे में था याद नहीं..
इस घटना में चौकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने बालक को कैसे मारा, उसके सिर को कहां फेंका और धड़ को कहां फेंका सभी बातों को स्पष्ट रूप से पुलिस को बता रहा है, लेकिन पुलिस जब उससे बालक को मारने का कारण पूछ रही है तो उसका जवाब संदेहास्पद मिल रहा है। आरोपी पुलिस से कह रहा है कि वह नशे में था, बालक को क्यों मारा उसे याद नहीं। ऐसे में पुलिस उसे रिमांड में लेकर और पूछताछ करने की बात कह रही है। क्योंकि बालक को मारने का कारण अभी अस्पष्ट है।


आरोपी की निशानदेही पर बालक का सिर, टांगी और कपड़े को जब्त कर लिया
जिस संदेही को पुलिस ने पकड़ा था, वही बालक का हत्यारा निकला, जोकि बालक का सगा फूफा दिलसाय लोहार है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बालक का सिर, टांगी और कपड़े को जब्त कर लिया है। हालांकि आरोपी हत्या का कारण स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा है, वह कह रहा है कि वह नशे में था इसलिए मार दिया, उसे कुछ याद नहीं है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
-भुरेदास, प्रभारी टीआई लैलूंगा