
रायगढ़. महिला बाल विकास कार्यालय में गुरुवार को स्लम बस्ती की करीब आधा दर्जन युवतियां पहुंची, जो शहर में ऑटो चला कर अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा व्यक्त की। युवतियों ने इसके लिए विभाग से ट्रेनिंग कराने की बात भी कही। युवती व विवाहिता की मानें तो वो पुरुषों से किसी मायने में कम नहींं है। मौका मिला तो उनसे बेहतर व जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य को पूरा कर दिखा सकते हैं। जिसे सुन कर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी, कुछ पल के लिए हैरान हो गए। उनकी मानें तो यह पहला मौका है जब करीब आधा दर्जन से अधिक युवतियां, खुद को शिक्षित, बेरोजगार व जरुरतमंद होने की बात कर ऑटो ड्राइविंग व उससे पहले प्रशिक्षण देने की मांग कर रही है।
वो दिन दूर नहीं जब अंबिकापुर की तर्ज पर रायगढ़ की बेटियां भी शहर में ऑटो की स्टेरिंग संभाल सवारी ढोते नजर आएगी। इसकी एक बानगी गुरुवार को महिला बाल विकास विभाग के कार्यालय में देखने को मिली। जब शहर के पंजरी प्लांट क्षेत्र की हेमलता महंत, अंजना सिंह चौहान, अंजू सिंह, निवेदिता महतो, ललिता रात्रे व अन्य, विभाग पहुंच कर महिला कर्मचारी से यह कहा कि, हमे ऑटो चला कर अपने परिवार का जीवन यापन करना है। वहीं पुरुषों के बीच खुद को स्थापित कर अपने पैरों पर खड़ा भी होना है।
इसके लिए विभाग के पास अगर कोई योजना हो तो हम सब को इसमें शामिल कर प्रशिक्षण दिलाने की पहल की जाए। करीब आधा दर्जन युवती व महिलाओं के इस उत्साह को देख विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी कुछ पल के लिए चौक गए। उनकी मानें तो लंबे समय बाद किसी प्रशिक्षण कार्य को लेकर आवेदकों में उत्साह देखने को मिला है।
मनोबल इतना कि पत्थर को काट बना दे रास्ता
एक तो ऑटो, दूसरी महिला... पर मनोबल इतना ऊंचा कि मौका मिले तो पहाड़ को काट कर रास्ता बना दे। विभाग ने बगैर देरी किए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को बढ़ावा देते हुए उन युवतियों को रोजगार ? कार्यालय भेजा। जहां ऑटो प्रशिक्षण के लिए युवतियों का फार्म भरा गया। विभाग की मानें तो इससे पहले इंदिरा नगर की करीब आधा दर्जन युवती शहनाज, पदमा, ऐनून, अमरीन, कमरु निशा, नगमा व अन्य विभाग में ऑटो प्रशिक्षण को लेकर रुचि दिखा चुकी है। ऐसे में, पंतरी प्लांट व इंदिरा नगर की सभी पात्र उम्मीदवारों का एक साथ रोजगार कार्यालय में फार्म भरवा कर 45 दिन के इस प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा।
दो माह से खोज रहा था विभाग
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत विभाग को ऑटो ड्रइविंग के प्रशिक्षण को लेकर करीब दो माह से महिला उम्मीदवारों का इंतजार था। इसके लिए आंगनबाड़ी स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया गया, पर किसी ने रुचि नहीं दिखाई। जब गुरुवार को व उससे पहले स्लम मुहल्लों की युवतियों ने विभाग पहुंच कर ऑटो ड्राइविंग करने की इच्छा व्यक्त की तो विभाग को मनचाही मुराद वाली बात चरितार्थ हो गई।
Published on:
21 Dec 2017 06:50 pm
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