
रायगढ़. हर जिला में जिला अस्पताल होना अनिवार्य है, इसलिए अपने जिले में भी जिला अस्पताल है जो कि रामभांठा में खोला गया है। क्योंकि जो जिला अस्पताल था वो अब मेडिकल कालेज अस्पताल हो गया है इन हालात में रामभांठा में जिला अस्पताल का कोरम पूरा किया गया है। ये अस्पताल 26 जनवरी 2016 को केंद्रीय राज्य मंत्री विष्णुदेव के हाथों खुला था। लेकिन जब इसकी हकीकत टटोली गई तो केवल नाम का ही जिला अस्पताल मिला, यहां केवल सर्दी, खांसी व बुखार का ही इलाज किया जाता है। दावा 100 बिस्तर का बनाएंगे पर चार टूटे-फूटे बिस्तर सजाए गए हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि इस अस्पताल में आज तक कोई भर्ती नहीं हुआ है या फिर भर्ती नहीं ली गई है। हां यहां एक कार्य नियमित रूप से किया जाता है वह यह कि यहां पर विकलांग प्रमाणपत्र और मेडिकल प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
शहर के मध्य रामभाठा स्थित जिला चिकित्सालय में मरीजों के सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। इसके बाद भी प्रशासन द्वारा इसे जिला चिकित्सालय का नाम दे दिया गया है। यह चिकित्सालय सुबह ९ बजे खुल जाता है और शाम 4 बजे इस अस्पताल में ताला लग जाता है। इसके बाद अगर किसी इमरजेंसी मरीज आए तो उसे या तो मेडिकल कालेज अस्पताल आना पड़ेगा या किसी प्रायवेट अस्पताल जाना पड़ेगा। क्योंकि इस अस्पताल में डाक्टर भी 4 बजे तक ही रहते हैं। वहीं दवाई का भी टोंटा रहता है।
इस संबंध में जब जिला चिकित्सालय में काम करने वाले कर्मचारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि यह अस्पताल शाम ४ बजे तक ही खुलता है। चार बजे के बाद यहां कोई नहीं रहता। अगर 4 बजे के बाद कोई इमरजेंसी केस आता है तो उसके लिये यहां कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से उक्त मरीज को मेडिकल कालेज अस्पताल ही जाना पड़ेगा।
यहां प्रसव की भी नहीं है सुविधा
जिला चिकित्सालय में प्रसव की भी सुविधा नहीं है। इस चिकित्सालय में महिला डाक्टर नहीं होने के कारण अगर कोई गर्भवती महिला यहां प्रसव के लिए आती है तो नर्स द्वारा प्रसव कराने की कोशिश की जाती है अगर प्रसव नहीं हो पाता तो उसे मेडिकल कालेज अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है। इस कारण मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुल मिलाकर जो बातें सामने आ रही है उसके अनुसार हर जिले में जिला अस्पताल होने का कोरम इस अस्पताल के माध्यम से पूरा किया जा रहा है ताकि विभाग को कोई परेशानी नहीं हो।
सीएमएचओ, रायगढ़
सवाल : यहां अभी तक कितने मरीज भर्ती हुए हैं
जवाब : यहां कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ है, केवल प्रमाणत्र के लिए चालू किया गया है।
सवाल : यहां किस बीमारी का इलाज होता है
जवाब : यहां सर्दी,खासी आदि का इलाज किया जाता है
सवाल : इसका शुभारंभ तो केंद्रीय मंत्री ने किया था
जवाब : नहीं ये सब को छोडि़ए
सवाल : दावा तो १०० बिस्तर का किया गया था
जवाब : नहीं अभी तो सिर्फ प्रमाणपत्र ही बन रहा है
Published on:
22 Dec 2017 12:18 pm
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