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रेरा ने अपंजीकृत कालोनाइजरों को दिया अल्टीमेटम, निर्धारित पंजीयन शुल्क के अलावा चार गुना राशि विलंब शुल्क के रूप में वसूलेगी कमेटी

- सितंबर तक नियत अवधि खत्म होने के बाद कमेटी ने एक माह का और समय बढ़ा दिया है

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रेरा ने अपंजीकृत कालोनाइजरों को दिया अल्टीमेटम, निर्धारित पंजीयन शुल्क के अलावा चार गुना राशि विलंब शुल्क के रूप में वसूलेगी कमेटी

रेरा ने अपंजीकृत कालोनाइजरों को दिया अल्टीमेटम, निर्धारित पंजीयन शुल्क के अलावा चार गुना राशि विलंब शुल्क के रूप में वसूलेगी कमेटी

रायगढ़. रेरा ने कालोनाइजरों को चौंथी बार दिए समय के साथ अल्टीमेटम भी दिया है। एक माह की बढ़ाई गई अवधि में अगर कोई कालोनाइजर पंजीयन कराने के लिए आवेदन करता है तो उसको निर्धारित पंजीयन शुल्क का चार गुना राशि विलंब शुल्क के रूप में जमा करना होगा। वहीं दूसरी ओर जो कालोनाइजर जो इस बढ़े हुए समय में स्वयं से पंजीयन के लिए आवेदन नहीं करता है और कमेटी के संज्ञान में आता है या फिर शिकायत आती है तो उक्त कालोनाइजर पर सख्त कार्रवाई करने अल्टीमेटम दिया है।

विदित हो कि रेरा कमेटी का गठन होने के बाद सबसे पहले ३१ मई तक का समय पंजीयन कराने के लिए दिया गया था। इसके बाद एक- एक माह का समय बढ़ाने के साथ ही साथ जुर्माना राशि भी बढ़ाया गया। सितंबर अंतिम सप्ताह तक जिले के दो दर्जन कालोनाइजरों ने पंजीयन नहीं कराया था जिसको लेकर कलक्टर ने रेरा को पत्र भी लिखा था। सितंबर तक नियत अवधि खत्म होने के बाद कमेटी ने एक माह का और समय बढ़ा दिया है। अब ३० अक्टूबर तक ऑनगोईंग प्रोजेक्ट वाले कालोनाइजर अपने प्रोजेक्ट का पंजीयन कराने के लिए स्वयं से आवेदन करते हैं तो रेरा कमेटी निर्धारित पंजीयन शुल्क के अलावा पंजीयन शुल्क का चार गुना राशि विलंब शुल्क के रूप में वसूलेगी। वहीं अगर किसी कालोनाइजर की शिकायत मिलती है तो उस पर अधिनियम की धारा ५९ के तहत पृथक से कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

न्यूनतम जुर्माना होगा 75 हजार
निवेश क्षेत्र भीतर स्थित ऑनगोईंग प्रोजेक्टस में निर्धारित समय अवधी में पंजीयन कराने पर विलंब शुल्क जहां चार गुना का प्रावधान किया गया है तो वहीं न्यूनतम विलंब शुल्क ७५ हजार रुपए होगा। यह भी बताया गया है न्यूनतम विलंब शुल्क ७५ हजार रुपए से कम नहीं होगा।