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जिले की सड़कों पर बेखौफ दौड़ेंगी अनफिट व जर्जर वाहन, विभाग भी नहीं कर सकेगा कोई कार्रवाई, पढि़ए खबर…

- हर रोज परिवहन में लगता है सौ से अधिक वाहन

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जिले की सड़कों पर बेखौफ दौड़ेंगी अनफिट व जर्जर वाहन, विभाग भी नहीं कर सकेगा कोई कार्रवाई, पढि़ए खबर...

जिले की सड़कों पर बेखौफ दौड़ेंगी अनफिट व जर्जर वाहन, विभाग भी नहीं कर सकेगा कोई कार्रवाई, पढि़ए खबर...

रायगढ़. नागिरक आपूर्ति निगम व एफसीआई में धान का परिवहन करने के लिए इस बार फिर से अनफिट व जर्जर वाहनें जिले के सड़कों में हादसों को न्यौता देते हुए दौड़ेंगी। इसमें से अधिकांश वाहनें १२ साल से अधिक समय की भी हो गई है इसके बाद भी इन वाहनों से धान व कस्टम मिलिंग से चावल का परिवहन किया जाता है। नान व एफसीआई के गोदामों में प्रतिदिन करीब सौ से अधिक वाहन चावल जमा करने के लिए पहुंचती है। इन वाहनों में अधिकांश तौर पर अनफिट वाहनों का परिचालन होता है।

ऐसे वाहन इन गोदामों में चलते हैं जो कि आठ माह से खड़े रहते हैं इन वाहनों में बॉडी का अधिकांश हिस्सा जर्जर रहता है वहीं अन्य कई समस्याएं रहती है। इसके बाद भी ऐसे वाहन एफसीआई व नान के गोदामों में चलते हैं इसके पीछे कारण यह है कि एफसीआई व नान द्वारा चावल जमा करने के लिए जिन वाहनों को परमिट जारी करता है उसके दस्तावेज अब तक नहीं लिए जाते हैं। हांलाकि इस बार दस्तावेज जांच करने की बात कही जा रही है लेकिन अभी तक इसका अता-पता नहीं है। इसके कारण इस बार भी जैसे-तैसे अनफिट वाहनों के उपयोग होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। पिछले साल चावल इन गोदामों में चलने वाली एक वाहन से छातामुड़ा चौक के समीप एक सड़क हादसा हुआ था जिसमें छात्रा की मौत हुई थी इसके बाद प्रशासन अलर्ट हुआ था, लेकिन मामला ठंडा होने के बाद प्रशासन भी इसको लेकर अलर्ट नहीं है।
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अभी तक नहीं हो पाया जांच
दो साल पूर्व छातामुड़ा चौक में धान से लोड एक भारी वाहन से एक छात्रा की मौत हो गई थी। इसके बाद हुए बवाल को लेकर कलकटर के निर्देश पर परिवहन विभाग ने एफसीआई से वाहनों की सूची मांगी थी। जिसमें एफसीआई ने करीब १४५ वाहनों की सूची जांच के लिए दिया था। उक्त वाहनों की जांच आज पर्यंत नहीं हो पायी है।

खरीदी बढऩे के साथ ही दिखेंगे वाहन
वैसे तो देखा जाए तो जिले में धान की खरीदी शुरू हो गई है। केंद्रों में स्टॉक बढऩे के बाद कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव व चावल जमा करने का काम शुरू होगा। इसके बाद ये जर्जर वाहन जिले के सड़कों में बेखौफ दौड़ते हुए दिखेंगे। जिस पर विभाग भी कोई कार्रवाई नहीं करेगा।

-मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो वाहनों की जांच की जाएगी। १२ साल से पुरानी वाहन होने पर परमिट नहीं दिया जाएगा- एसके कौशल, जिला परिवहन अधिकारी