26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फिर लकड़ी जलाकर खाना पकाने मजबूर हुए ग्रामीण, योजना के तहत मिले गैस सिलेंडर का नहीं कर रहे इस्तेमाल, ये है वजह…

- पेट्रोलियम गैस के कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी से ग्रामीणों का बिगड़ गया है बजट

2 min read
Google source verification
फिर लकड़ी जलाकर खाना पकाने मजबूर हुए ग्रामीण, योजना के तहत मिले गैस सिलेंडर का नहीं कर रहे इस्तेमाल, ये है वजह...

फिर लकड़ी जलाकर खाना पकाने मजबूर हुए ग्रामीण, योजना के तहत मिले गैस सिलेंडर का नहीं कर रहे इस्तेमाल, ये है वजह...

रायगढ़. बढ़ते गैस सिलेण्डर के दाम ने उज्जवला योजना की दम निकाल रहा है। लगातार रिफलिंग के दाम बढऩे से ग्रामीण उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में कई गरीब परिवारों ने गैस से खाना पकाने की बजाय जलाऊ लकड़ी लेना पड़ रहा है। पिछले चार माह में उपभोक्ताओं को २२६ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ा है। पेट्रोल डीजल के बढ़ते कीमत से आम उपभोक्ता हलाकान है। इसका असर बस किराया से लेकर दैनिक वस्तुएं के कीमतों में इजाफा हो रहा है। पेट्रोलियम गैस के कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी से ग्रामीणों का बजट बिगड़ गया है।

माह सितम्बर में गैस सिलेण्डर के दाम ९२५ रुपए था इसके बाद माह अक्टूबर में ९७२ रूपए तक पहुंच गया। जबकि नवम्बर महीने में सिलेण्डर की कीमत १०३५ रुपए बढ़ा देने से उज्जवला योजना के हितग्राहियों के आंखों से पानी निकाल दे रहा है। अब गरीब परिवारों के द्वारा गैस रिफलिंग कराने में पीछे हट रहे हैं। सुबह-शाम की रोटी के लिए दिन भर की कमाई कम पड़ जा रही है ऊपर से साग सब्जी के साथ गैस की कीमत बढ़ जाने से सारा बजट बिगड़ गया है। एक बार फिर चूल्हे में लकड़ी जलाकर खाना बनाने की मजबूरी बन गई है। त्यौहार सीजन में घरेलू खर्च बढ़ गया है। ऐसे में गैस सिलेण्डर को रिफलिंग कराने के बजाए दूसरे जरुरी चीजों की खरीदारी करने में लगे है।

Read More : लाखों का कोडिन सिरप जब्त, पुलिस के सामने से मुख्य आरोपी हुआ फरार, क्या कह रही पुलिस, पढि़ए पूरी खबर...

घर तक नहीं पहुंचता सिलेण्डर
बरमकेला जनपद क्षेत्र के पंचायतों के लिए उज्जवला योजना की ग्रामीण गैस वितरण एजेंसी के रुप में सरिया नगर में खोला गया है लेकिन वितरण एजेंसी के द्वारा घर पहुंच सेवा नहीं दिया जा रहा है। जबकि घर पहुंच सेवा के नाम पर राशि वसूला जा रहा है। कई महीनों से नए हिताग्रहियों को उज्जवला योजना का लाभ नहीं दिलाई गई है।

सब्सिडी का अता-पता नहीं
गौर सिलेण्डर की कीमतों में बार-बार बढ़ोत्तरी की जा रही है। वहीं उपभोक्ताओं के बैंक खातों में गैस का सब्सिडी की रकम नहीं आने से दोहरी परेशानी हो रहा है। इस मामले में गैस वितरण एजेंसी के संचालक भी सब्सिडी दिलाने में लापरवाही बरत रहे है।

-गैस के दाम बढऩे से घरेलू बजट बिगड़ गया है। चूल्हे से खाना बनाना पड़ रहा है। गांव के कई परिवारों ने गैस रिफलिंग कराना छोड़ दिया है- राजकुमारी कुजूर, गृहणी साल्हेओना

-गैस की कीमत बढ़ा दी गई है लेकिन सब्सिडी महीनों से नहीं मिल रहा है। इससे परेशानी बढ़ गई है- संजय कर्ष, उपभोक्ता साल्हेओना