
3 माह में गर्भवती माताओं को विशेष पूरक पोषण
रायगढ़. स्वस्थ्य महतारी-स्वस्थ्य शिशु अभियान के तहत कलक्टर ने पिछले दिनो बैठक की, जिसमें पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रसव के अंतिम 3 माह में गर्भवती माताओं को विशेष पूरक पोषण देने का आदेश दिया। जिससे प्रसव वाले नवजात का वजन बेहतर हो सके। पर कलक्टर के इस पायलट प्रोजेक्ट को पुसौर क्षेत्र के 50 बंद आंगनबाड़ी केंद्र ग्रहण लगा रहे हैं।
हड़ताल की वजह से बर्खास्त केंद्र की सहायिका व कार्यकर्ता को पेचिदा प्रक्रिया की वजह से अब तक बहाल नहीं किया जा सका है। ऐसे में, कलक्टर के पायलट प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने विभागीय अधिकारी ने बर्खास्तगी कार्यकर्ता व सहायिका को मौखिक आदेश देकर केंद्र को संचालित करने का आदेश दिया है। पर बगैर Óवानिंग पत्र के कार्यकर्ता व सहायिका, केंद्र से दूरी बनाए हुई हैं।
प्रसव के दौरान ज'चा व ब'चा व स्वस्थ्य रखने को लेकर स्वस्थ्य महतारी-स्वस्थ्य शिशु अभियान की शुरुआत की गई है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं को प्रसव के अंतिम 3 माह में अतिरिक्त पोषण आहार देने का प्रावधान किया गया है। शासन की इस योजना को सफल संचालन को लेकर कलक्टर के जून के अंतिम सप्ताह में संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की थी।
वहीं इस पायलट प्रोजेक्ट को आंगनबाड़ी केंद्र की मदद से प्रत्येक गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित करने की पहल की जा रही है। पर जिले में 3 हजार 409 आंगनबाड़ी केंद्रों में करीब 50 केंद्र ऐसे हैं। जो मार्च के पहले सप्ताह से ही बंद है। वेतन विसंगति व अन्य सुविधाओं को लेकर पहले आंगनबाड़ी के जुझारू संघ की ओर करीब 50 दिनों तक क्रमिक हड़ताल की गई। उसके बाद जब उनकी मांगे पूरी हुई तो बहाली के कानूनी पेंच में मामला फंस गया। आलम यह है कि शासन स्तर पर हुई सफल वार्ता के बावजूद करीब ढाई माह का समय बीत गया है। पर पुसौर क्षेत्र की 50 आंगानबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता व सहायिका को अब तक बहाल नहीं किया जा सका है। जिसकी पुष्टि विभागीय अधिकारी भी कर रहे हैं।
ऐसे मे, स्वस्थ्य महतारी-स्वस्थ्य शिशु अभियान से संबंधित पायलट प्रोजेक्ट पर ग्रहण लगने की बात कही जा रही है। इस पर विभागीय अधिकारी का कहना है कि बंद आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता व सहायिका को बहाली पत्र आने तक मौखिक रूप से केंद्र को संचालित करने का आदेश दिया गया है। पर पत्रिका ने अपनी पड़ताल में यह पाया कि बहाली पत्र के अभाव में कार्यकर्ता व सहायिका, बंद केंद्र का ताला खोलने से परहेज कर रही है। उनकी माने तो पुन: बहाली का पत्र मिले बगैर वो कोई कार्य नहीं करेंगी।
कलक्टर न्यायालय को भेजा गया पत्र
50 आंगनबाड़ी केंद्र की बर्खास्त कार्यकर्ता व सहायिका को बहाल करने रायपुर से कलक्टर न्यायलय का पत्र मांगा गया था। जिसे महिला बाल विकास विभाग के आला अधिकारी ने तत्काल रायपुर भेजने की पहल की। जिससे उक्त कार्यकर्ता को बहाल करने की कवायद जल्द से जल्द पूरी की जा सके। वहींं बंद केंद्र जल्द से खुल सके।
-कलक्टर ने स्वस्थ्य महतारी-स्वस्थ्य शिशु अभियान के तहह गर्भवती महिलाओं को विशेषण पोषण आहार देने का आदेश दिया है। जिसे आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए संचालित करने की पहल की जा रही है। जहां तक 50 बंद आंगनबाड़ी केंद्र की बर्खास्त कार्यकर्ता व सहायिका का सवाल है। उनकी बहाली के लिए लगातार पहल की जा रही है। उन्हें मौखिक रूप से केंद्र को खोल कर संचालित करने को बोला गया है।
-टिकवेंद्र जाटवर, डीपीओ, महिला बाल विकास विभाग, रायगढ़
Published on:
09 Jul 2018 03:26 pm
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