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14 लाख की अटल प्रतिमा पर लगा था धातु जैसा पेंट, पहली बारिश में उखड़ी परत, अफसरों पर गिरी गाज

Atal statue paint peeled off: कोरबा और सीतापुर में करीब 14 लाख रुपए तक की लागत से लगाई गई प्रतिमाओं पर कांस्य या धातु की जगह कंक्रीट-सीमेंट की मूर्ति पर धातु जैसा पेंट किया गया।
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Katghora Atal Statue

अटल की प्रतिमा में बड़ा फर्जीवाड़ा! (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@संतराम साहू। Atal Bihari Vajpayee statue controversy: प्रदेश के निकायों में अटल परिसर का निर्माण कर वहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति लगाने के नाम पर भारी लापरवाही बरती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण दो निकायों में सामने आया है। कोरबा और सीतापुर में निकायों द्वारा जहां पर अटलजी की जो प्रतिमा लगाई गई थी, जो कंक्रीट,सीमेंट की मूर्ति पर धातु जैसा रंग (पेंट) कर दिया गया था, जो बारिश के कारण परत उखड़ने से हकीकत सामने आई।

एक मूर्ति पर शासन ने 13 से 14 लाख रुपए तक खर्च किया था। इसी तरह से अन्य निकायों से भी शासन को मूर्ति स्थापित करने में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। इसकी जांच शासनस्तर पर कराई जा रही है।

182 निकायों में लगाई जानी हैं मूर्तियां

बता दें कि शासन ने नगरीय निकायों में अटल परिसरों का निर्माण कर अटलजी के व्यक्तित्व व कृतित्व को सहेजने के लिए मूर्तियां स्थापित करने का निर्णय लिया था। इसके लिए प्रदेश के 182 निकायों को चिन्हित किए गए थे। सभी निकायों से प्रस्ताव मंगाए गए थे। इसके बाद हर निकाय को 14 लाख रुपए तक आवंटित किए। इसमें अटल परिसर और कांस्य धातु से निर्मित अटलजी की प्रतिमा स्थापित करनी है। अधिकांश निकायों ने तो मूर्तियां स्थापित कर दी हैं, लेकिन कुछ ने अभी तक अटल परिसर का निर्माण ही नहीं किया है।

मूर्तियां खरीदी को लेकर आ चुकी थी आपत्ति

बताया जाता है कि निकायों में अटलजी प्रतिमा स्थापित करने के लिए जारी किए टेंडर को लेकर मूर्तिकारों ने आपत्ति ली थी कि जिन लोगों के पास मूर्ति बनाने का अनुभव नहीं है, उनसे मूर्तियां खरीदी जा रही हैं। छत्तीसगढ़ के मूर्तिकारों की अनदेखी की जा रही है। इसके बाद कर्ता-धर्ताओं ने एक न सुनी और अपने चहेतों से मूर्ति खरीदी का ऑर्डर जारी कर दिया।

नियम में था कांस्य धातु से निर्मित मूर्ति की स्थापना

बता दें कि नगरीय प्रशासन विभाग ने जब निकायों को जो सकुर्लर जारी किया था, उसमें स्पष्ट लिखा था कि प्रतिमाओं का निर्माण कांस्य (ब्रॉन्ज) या धातु से निर्मित होना जरूरी है। वे मौसम की मार से सुरक्षित रहें।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाने में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन निकायों से शिकायतें मिल रही हैं, वहां जांच कराई जा रही है। साथ ही दोषी इंजीनियरों पर कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल दो जगह का मामले सामने आया है। संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की गई है। - अरुण साव, मंत्री, नगरीय प्रशासन विभाग