
Right to Education
रायपुर. स्कूल शिक्षा विभाग के संचालक ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम की भुगतान राशि 1 दिसंबर तक जारी करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया था। स्कूलों के वेरीफिकेश के चलते निजी स्कूलों का भुगतान अब तक नहीं पाया है। निजी स्कूल संचालकों के करीब 150 करोड़ रुपए से अधिक राशि वेरीफिकेशन के चलते अटके हुए है।
विभागीय अधिकारियों की सुस्त कार्यप्रणाली से नाराज निजी स्कूलों के जिम्मेदार, जल्द स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलने की बात कह रहे हैं। निजी स्कूल संचालकों का दावा है कि हर बार विभाग पैसे देने का आश्वासन देता है, लेकिन उनके द्वारा दी गई तिथि निकल जाती है और पैसा अकाउंट में नहीं आता है। विभागीय अधिकारियों की इस लापरवाही से वे परेशान है। विभागीय अधिकारियों से मिलकर अधीनस्थ अधिकारियों की शिकायत करेंगे और समस्या के समाधान की मांग निजी स्कूल संचालक करेंगे।
158 करोड़ रुपए से अधिक बकाया
छत्तीसगढ़ में स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के 9 हजार स्कूलों का 158 करोड़ से ज्यादा का भुगतान अटका है। यह भुगतान स्कूल शिक्षा विभाग के संचालक ने 1 दिसंबर से प्रतिशत के आधार पर जनरेट करने की बात कही थी, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। पूर्व में 2 तारीख स्कूल विभाग के जिम्मेदार दे चुके हैं, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता है। वेरीफिकेशन के कारण पैसा न आने की बात जिम्मेदार कह रहे है, जिनका वेरीफिकेशन हो गया है, उनका भुगतान शुरू कर दिया जाए और शेष प्रक्रिया जारी रहे।
इस सप्ताह के आखिरी तक भुगतान होने की उम्मीद
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वेरीफिकेशन अपडेट होने की वजह से विलंब हो रहा है। प्रतिशत के आधार पर योजना की राशि निजी स्कूल संचालकों को उपलब्ध कराई जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो वेरीफिकेशन की प्रक्रिया आखिरी चरण में है। इस हफ्ते के आखिरी तक स्कूलों का भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक एएन बंजारा ने कहा, वेरीफिकेशन की प्रक्रिया आखिरी चरण में है। इस हफ्ते स्कूलों की आरटीई राशि का भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
Published on:
03 Dec 2020 05:16 pm
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