
अस्पताल में भर्ती पीलिया के मरीजों से मुलाकात करते महापौर एजाज ढेबर।
रायपुर. शहर में पीलिया के मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। शहर में 34 जगहों के पानी स्रोत से सैंपल लेकर मेडिकल कॉलेज जांच के लिए भेजा गया था, जिसमें 20 जगहों का पानी दूषित पाया गया है। मतलब इस जगहों का पानी पीने लायक नहीं है। यह आंकड़ा अब 376 तक पहुंच गया है, जबकि 120 लोगों का ब्लड सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। शुक्रवार को 87 संभावित मरीजों का ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जिला अस्पताल में 60 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 63 डिस्चार्ज हो चुके हैं। शहर में इस सीजन के पहले 7 मरीज स्वीपर कॉलोनी आमारापारा में 3 अप्रैल को मिले थे। पीलिया का प्रकोप अब खोखोपारा, विजय नगर कचना क्रॉसिंग के पास, भैरवनगर मठपुरैना, भाठापारा टाटीबंध और बीएसयूपी भाठागांव सहित शहर के कई इलाकों में फैल चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने जार्वे, कबीर नगर, गोगांव, कोटा, टाटीबंध, सरोना के नगर निगम के ओवरहेड टैंक वॉटर फिल्टर प्लांट, बीएसयूपी वार्ड-26 सड्डू, ब्लॉक 15 वार्ड-26 सड्डू महंत लक्ष्मी नारायण दास वार्ड सोनकरपारा, महंत लक्ष्मी नारायण दास वार्ड बंधवापारा, राजेंद्र नगर जनता क्वार्टर और मदर टेरेसा वार्ड समेत &4 जगहों से पानी सैंपल जांच के लिए भेजा था। इसमें से 20 जगहों का पानी सैंपल दूषित पाया गया है अर्थात यहां का पानी पीने योग्य नहीं है।
यहां करा सकते हैं जांच
सामुदायिक भवन चंगोराभाठा, दलदल सिवनी के एकता चौक स्थित गवर्नमेंट स्कूल के पास आगनबाड़ी में, वार्ड नबर.1 अटारी, स्वास्थ्य सुविधा केंद्र मंगल बाजार सामुदायिक भवन, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सांस्कृतिक भवन बड़ी पानी टंकी के नीचे मठपुरैना, शिवनगर मठपुरैना।
20 मिनट तक पानी उबालकर पीएं
शहरी कार्यक्रम प्रबंधक अंशुल थुद्गर के साथ संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. सुभाष पाण्डे ने शनिवार को शिवनगर और मठपुरैना का भ्रमण कर स्वास्थ्य अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पीलिया के मरीजों की लाइन लिस्ट बनाकर सतत निगरानी के निर्देश दिए। संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. सुभाष पाण्डे ने लोगों से अपील की है कि दूषित पानी के सेवन से बचें। पानी को 20 मिनट उबालकर पीएं तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा वितरित की जा रही क्लोरीन के टेबलेट का उपयोग करें। डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ ने बताया कि 34 जगहों के पेयजल स्रोतों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे, जिसमें 20 सैंपल दूषित पाए गए हैं। पीलिया के मरीजों को आराम करने के साथ-साथ इलाज कराया जाना जरूरी है। इनके उपचार की व्यवस्था जिला अस्पताल में की गई है।
Published on:
19 Apr 2020 01:40 am
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