
आकाशीय बिजली का कहर (photo Patrika)
CG Sky Lighting: @पीलूराम साहू। मानसूनी बारिश जहां खेतों, नदी, नालों व बांधों के लिए जीवनदायिनी है, वहीं ये कुछ लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो रही है। आकाशीय बिजली गिरने से प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले डेढ़ माह में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार बारिश के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होना सबसे ज्यादा घातक है। ज्यादातर लोगों की मौत इन्हीं कारणों से हुई है।
बारिश के दौरान खेतों में काम करना भी खतरनाक हो सकता है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आकाशीय बिजली गिरने का कारण क्यूमलो निंबस यानी सीबी क्लाउड है। ये जमीन की सतह से 6 से 16 किमी के बीच बनते हैं। इसके कारण आकाश में बादलों की जोरदार गर्जना होती है और करीब 20 हजार वोल्ट का करंट बनाता है और जमीन पर बिजली की तरह गिरती है। इसकी चपेट में आने से न केवल मनुष्य, बल्कि मवेशी भी मौके पर ही दम तोड़ देते हैं।
सीबी क्लाउड में टेंपरेचर शून्य या माइनस डिग्री पर पहुंच जाता है। इस कारण सीबी क्लाउड में बर्फ के टुकड़े पाए जाते हैं। हवा की गति भी तेजी से ऊपर-नीचे होती रहती है। इस कारण बर्फ के टुकड़े गर्मी के दिनों में या बेमौसम बारिश होने पर ओले के रूप में गिरते हैं, लेकिन बारिश के सीजन में ऐसा नहीं होता। सीबी क्लाउड प्री या पोस्ट मानसून में ज्यादा बनते हैं। बादलों में पानी के छोटे-छोटे कण होते हैं, जो वायु की रगड़ के कारण आवेशित हो जाते हैं। कुछ बादलों पर पजिटिव चार्ज आ जाता है और कुछ पर नेगेटिव। जब दोनों तरह के चार्ज वाले बादल एक-दूसरे से टकराते हैं तो इससे लाखों वोल्ट की बिजली पैदा होती है। कभी-कभी वोल्ट इतना ज्यादा होता है कि यह बिजली धरती तक पहुंच जाती है।
आकाशीय बिजली से अलर्ट करने के लिए केंद्र सरकार ने दामिनी ऐप विकसित किया था। यह ऐप 20-40 किमी के दायरे में बिजली गिरने की संभावित घटना से अलर्ट करता है। इसमें जीपीएस मदद करता है। यह ऐप मोबाइलधारक को 30-40 मिनट पहले चेतावनी देता है, जिससे जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि यह प्रदेश में ज्यादा कारगर नहीं है।
मानसूनी सीजन में सीबी क्लाउड बनता है। इसके कारण थंडर स्टार्म यानी गरज-चमक के साथ बारिश होती है। इसी क्लाउड के कारण आकाशीय बिजली भी गिरती है। सीबी क्लाउड खतरनाक होता है। इसलिए बारिश के दौरान पेड़ के नीचे बिल्कुल भी खड़े न रहें।
एमएल साहू,रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर जनरल मौसम
कल से बारिश में होगी कमी : प्रदेश में 31 जुलाई से बारिश की गतिविधियां कम होंगी।पिछले 24 घंटे में रायपुर में 12 मिमी पानी गिरा। इसी तरह मुंगेली में 50, दुर्गकोेंदुल में 40, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, दुर्ग व मंदिरहसौद में 30-30 मिमी बारिश हुई।
Updated on:
30 Jul 2025 10:52 am
Published on:
30 Jul 2025 10:51 am
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