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यह कैसी व्यवस्था…अब तक नहीं हुई 490 एमबीबीएस स्टूडेंट की पोस्टिंग, छात्रों ने कही ऐसी बातें

Raipur News: प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता को खत्म हुए दो माह से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एमबीबीएस पास 490 छात्रों की पोस्टिंग में देरी पर देरी कर रहा है। जबकि छात्र-छात्राओं ने 10 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मिलकर पोस्टिंग में देरी की बात बताई थी।

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Chhattisgarh News: प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता को खत्म हुए दो माह से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एमबीबीएस पास 490 छात्रों की पोस्टिंग में देरी पर देरी कर रहा है। जबकि छात्र-छात्राओं ने 10 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मिलकर पोस्टिंग में देरी की बात बताई थी। उनका कहना था कि पोस्टिंग में देरी होने से वे बाकी छात्रों से पिछड़ जाएंगे। साथ ही नीट पीजी की तैयारी में भी इसका असर पड़ेगा।

एमबीबीएस पास करने के बाद छात्रों को दो साल बांड के तहत अस्पतालों में पोस्टिंग कराई जाती है। ताकि वे मरीजों का इलाज कर सके। इससे सरकार का भी फायदा होता है, क्योंकि मानदेय देकर मेडिकल अफसर की नियुक्ति हो जाती है। एमबीबीएस पास डॉक्टर को मेडिकल अफसर कहा जाता है। जानकारों का कहना है कि पास होने के बाद पोस्टिंग की जानी थी। आचार संहिता का बहाना अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है। दो साल बांड के तहत ये पोस्टिंग पढ़ाई का एक अहम हिस्सा है इसलिए ये पोस्टिंग नहीं रोकी जा सकती थी। इंटर्नशिप करने के साढ़े 4 माह बाद भी पोस्टिंग नहीं होने से परेशान छात्र-छात्राएं स्वास्थ्य संचालनालय का चक्कर लगाते थक चुके हैं। दो साल की पोस्टिंग पूरी होने के बाद ही हैल्थ साइंस विवि इन छात्रों को डिग्री प्रदान करेगा। इसलिए यह पोस्टिंग पूरी करनी जरूरी है। मानदेय के रूप में छात्रों को हर माह 57 हजार रुपए दिया जाएगा। पहले यह 45 हजार रुपए था।

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रायपुर के 180, अंबिकापुर के 125 छात्रों की पोस्टिंग

नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर के 180, अंबिकापुर के 125, राजनांदगांव के 125 व रायगढ़ के 60 एमबीबीएस छात्रों की इंटर्नशिप पिछले साल अक्टूबर में पूरी हो गई थी। प्रदेश में सभी छात्रों की इंटर्नशिप एक साथ पूरी होती है। बांड के तहत पोस्टिंग करने का अधिकार स्वास्थ्य विभाग को है, क्योंकि प्रदेश में सबसे ज्यादा अस्पताल उन्हीं के अंडर है। छात्र चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत पढ़ाई करते हैं, लेकिन पोस्टिंग स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी करते हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि सिम्स बिलासपुर व जगदलपुर के 305 छात्रों की पोस्टिंग पिछले साल अक्टूबर में ही कर दी गई। यही समस्या पीजी पास छात्रों के साथ हुआ। इनमें आधे से कम छात्रों की ज्वाइनिंग आचार संहिता के पहले हो गई थी। जिसके आर्डर में देरी हुई, उनकी ज्वाइनिंग दिसंबर में हुई। एमबीबीएस पास छात्र अधिकारियों से भी मिल रहे थे, लेकिन आचार संहिता खत्म होने के बाद भी पोस्टिंग में देरी करते रहे।

नवा रायपुर में 8 को दस्तावेज सत्यापन 9 को अस्पताल चयन किया जाएगा

स्वास्थ्य विभाग ने लंबी देरी के बाद आखिरकार एमबीबीएस पास स्टूडेंट की पोस्टिंग के लिए तारीख तय कर दी है। 8 फरवरी को दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। 9 फरवरी को सुबह 11 बजे काउंसिलिंग की जाएगी। इसमें छात्र-छात्राएं अपनी पसंद के अस्पतालों का नाम बताएंगे। इसके अनुसार पोस्टिंग की जाएगी। यह काउंसिलिंग नवा रायपुर सेक्टर 19 स्थित स्वास्थ्य संचालनालय के मीटिंग हॉल में होगी।

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