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मल्टीनेशनल कंपनियों के बीच करार से रिटेल मार्केट में मचा हडक़ंप, प्रदेश के लाखों व्यपारी होंगे प्रभावित

मल्टीनेशनल कंपनी वॉलमार्ट और फ्लिटकार्ट डील को मंजूरी मिलने से रिटेल व्यापार में हडक़ंप मच चुका है
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रायपुर

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Deepak Sahu

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Updated: 12 Aug 2018, 10:02 AM IST

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मल्टीनेशनल कंपनियों के बीच करार से रिटेल मार्केट में मचा हडक़ंप, प्रदेश के लाखों व्यपारी होंगे प्रभावित

रायपुर. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा मल्टीनेशनल कंपनी वॉलमार्ट और फ्लिटकार्ट डील को मंजूरी मिलने से रिटेल व्यापार में हडक़ंप मच चुका है। प्रदेश के ५ लाख रिटेल व्यापारी इस डील से प्रभावित हो सकते हैं। इस डील के खिलाफ कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आंदोलन छेड़ा है।

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कैट ने अब न्यायालय में लड़ाई जारी रखने का एलान किया है। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी ने बताया कि वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट डील को मंजूरी देना एकपक्षीय है। इस मामले में कैट न्यायालय में याचिका दायर करेगा। इस डील के खिलाफ आंदोलन भी होगा। १९ अगस्त को इस संबंध में देश के प्रमुख व्यापारियों की बैठक नागपुर में आयोजित है। इस मामले में कैट ने अपनी राष्ट्रीय गवर्निग काउंसिल की एक आपात बैठक नागपुर में बुलाई है।

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कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतीया एवं राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खण्डेवाल ने कहा की आयोग के निर्णय को लेकर कैट केन्द्र सरकार से विरोध दर्ज कराएगा। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यह मानना है कि इ-कॉमर्स बाजार में लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचा जा रहा है और डिस्काउंट दिए जा रहे है। निश्चित रूप से इसका प्रभाव कीमतों पर पड़ता है और प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है। लेकिन आयोग का यह कहना कि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र मे नहीं आता हास्यापद है। इससे यह स्पष्ट है कि आयोग ने अपनी अधिकार क्षेत्र मे होते हुए भी जानबूझकर इस महत्वपूर्ण विषय की अनदेखी करते हुए वालमार्ट फ्लिपकार्ट डील का मंजूरी दे दी हैं।

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