
रायपुर . पूजा-पाठ करके दुख दूर करने वाले फर्जी चमत्कारी बाबा गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया। गिरोह के 6 लोग पकड़े गए हैं। सभी उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। आरोपियों ने रायपुर में तीन स्थानों पर महिलाओं को ठगा था। झांसा देकर उनके सोने के गहने लेकर भाग निकले थे। दो बाबा गिरोह हैं। दोनों के 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही खरीदार भी पकड़ा गया है। आरोपियों के पास से 80 हजार रुपए नगद, सोने-चांदी के जेवर बरामद हुए हैं।
मामले का खुलासा करते हुए एएसपी शहर विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों आमानाका इलाके में समता कॉलोनी निवासी शुभांगी कोन्हेर को तीन ठगों ने बाबा बनकर ठग लिया था। इस मामले की जांच के दौरान पंडरी और तेलीबांधा इलाके में भी इसी तरह की घटना का पता चला। इसके बाद पुलिस की टीम तीन संदिग्ध लोगों की तलाश में लगी रही। इस बीच सीसीटीवी फुटेज से एक उत्तरप्रदेश पासिंग की कार का पता चला। पुलिस ने कार की तलाश शुरू की। रायपुर-बिलासपुर मार्ग में भी इस कार के मूवमेंट का पता चला।
पुलिस ने कार के आधार पर आरोपियों का पता ढूंढ लिया। इसके बाद गिरफ्तारी के लिए उत्तरप्रदेश के रायबरेली रवाना हुई। वहां आरोपियों द्वारा दूसरी वारदात करने के लिए निकलने की सूचना मिली।इस बीच सभी को हिरासत में ले लिया गया। आरोपियों में उत्तरप्रदेश के रायबरेली के ग्राम बच्छरांवा निवासी मोहर्रम अली, ग्राम बहराना निवासी रिशाद अली, बच्छरावा निवासी सलीम खान उर्फ बबलू और मोहम्मद सलीम, ग्राम सुजानपुर के सिकंदर खान उर्फ साहिल को गिरफ्तार किया गया है।
खरीदार भी गिरफ्तार, कई राज्यों में वारदात
बाबा गिरोह ठगी के गहनों को कानपुर के सराफा कारोबारी अमर सिंह के अलावा अन्य लोगों के पास बेच देता था। पुलिस ने अमर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी खरीदारों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ में 50 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
आरोपी तीन की संख्या में घूमते थे। गार्डन, मंदिर या सूनसान स्थान पर कोई महिला मिल जाती थी, तो उसे एक व्यक्ति अपने बारे में चमत्कारिक बाबा होने का दावा करता था। इसके बाद दूसरा व्यक्ति आता था और उस बाबा का बखान करता था। फिर तीसरा व्यक्ति पहुंचता था और बाबा के चमत्कारिक कारनामों का हवाला देकर महिला को दुख, परेशानी दूर करवाने का झांसा देता था।
महिला उनकी बातों में आ जाती थी। इसके बाद बाबा उनसे गहनों को सिद्ध करने के लिए उतरवाकर कागज की पुडि़या में रखता था। उसके स्थान पर दूसरी पुडि़या दे देता था। इस दौरान वह सोने के गहने रख लेता था और पुडि़यां में लोहा, पत्थर रखकर दे देता था। इसके बाद महिला को कहा जाता था कि पुडि़या घर में ही खोलना और किसी को बताना मत। गहने के लेने के बाद आरोपी कार में भाग जाते थे।
इन मामलों में थी तलाश
- 31 जुलाई 2017 को दलदल सिवनी मोड़ पर माया अग्रवाल को आरोपियों ने ठगा
- 28 दिसंबर 2017 को सेलटैक्स कॉलोनी में अमरजीत कौर को आरोपियों ने ठगा
- 7 फरवरी को हीरापुर चौक में शुभांगी कोन्हरे को ठगा
Published on:
03 Mar 2018 07:08 pm
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