
महानदी पर स्थित गंगरेल बांध छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा बांध है। प्रशासन ने इसे मिनी गोवा की तरह डेवलप किया है।

यहां जेट स्कीइंग, वाटर सर्फिंग, वाटर स्कीइंग, स्कूबा डाइविंग, सेलिंग, पैरासेलिंग और काइट सर्फिंग जैसे वाटरस्पोर्ट्स के लिए एकदम सही है।

चित्रकोट जलप्रपात हर मौसम में बेहद दर्शनीय और ठंडा रहने वाला पर्यटन स्थल है। इंद्रावती नदी पर विशाल झरना बहती है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर ज़िले में कांगेर घाटी पर स्थित तीरथगढ़ जलप्रपात लगभग 300 फीट की ऊंचाई से गिर रहे कई झरनों का समूह है। जगदलपुर शहर से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह झरनों का समूह गर्मियों के समय में घूमने के लिए एक बेस्ट पिकनिक स्पॉट है।

अम्बिकापुर से 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मैनपाट एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह विंध्य पर्वतमाला से जुड़ा हुआ है।

नारायणपुर के अंतागढ़-आमाबेड़ा वन मार्ग पर पिंजारिन घाटी में स्थित चर्रे-मर्रे एक शानदार 50 फुट ऊंचा झरना है। यह जोगी नदी से जुड़ा हुआ एक ठंडा और तारो ताजा कर देने वाला पर्यटन स्थल है।

मदकू द्वीप मुंगेली जिले में शिवनाथ नाम की एक शांत सुंदर नदी के पास स्थित है।

इस क्षेत्र में छह शिव मंदिर, ग्यारह स्पार्तलिंग मंदिर, एक उमा-महेश्वर और गरुड़रुधा लक्ष्मी-नारायण मंदिर की खोज की जा चुकी है।

पिल्खा पहाड़ एक ऐतिहासिक स्थल है। पहाड़ में एक कुंड स्थित है जिसमें प्राकृतिक जल स्त्रोत से पानी का उद्गम हो रहा है।