
9 माह बाद भी चना बीज घोटाले पर विभाग चुप, दोषियों पर नहीं हुई कार्रवाई, आखिर कब मिलेगी सजा?(photo-patrika)
CG Fraud News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में चना बीज वितरण घोटाला मामले में अब तक दो दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। इसको लेकर अब कई सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि मामले को उजागर हुए नौ माह का वक्त बीत चुका है। लेकिन अब तक विभाग कार्रवाई नहीं कर पाया है। दरअसल गोबरा नवापारा तहसील क्षेत्र के ग्रामों में चना बीज वितरण घोटाला किया गया था। इस मामले में दोषी पाए गए दो कृषि विस्तार अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच की जा रही है।
पूर्व में अभनपुर एसडीएम स्तर पर इस घोटाले की जांच की गई पर जांच में कमी पाने के कारण विभाग की ओर से फिर से जांच कर नई रिपोर्ट बनाई जा रहा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले के दोषी एक अधिकारी से बयान भी ले लिया गया है। इस माह कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तहसील क्षेत्र के ग्राम भुरका-तोरला व ग्राम टीला चंपारण ग्रामों में चना बीज वितरण में घोटाले का यह मामला नवंबर 2024 का है। इस घोटाले की जांच दिसंबर में की गई। जांच के बाद यह फाइल तीन माह तक तहसील कार्यालय में डंप रही।
इसके बाद जिला पंचायत की सामान्य सभा मामला उठने के बाद जब तूल पकड़ा तो फाइल जिला कृषि विभाग को भेजी गई। जांच रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों के दोषी पाए जाने पर भी विभाग ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया और फाइल महीनों तक विभाग में दबी रही।
चना बीज घोटाला लगभग 12 लाख रुपए का है। विभाग के अनुसार इस क्षेत्र के कामों में चना की खेती को बढ़ावा देने और इसके प्रदर्शन के लिए विभाग ने योजना के तहत 100 हेक्टेयर में फसल लगने के लिए निशुल्क चना चीज वितरित कराया था। इसके लिए विभाग ने 100 किसानों की सूची भी बनाई थीं।
इसमें किसानों को एकड़ के अनुसार चना बीज का वितरण किया जाना था, लेकिन दोनों कृषि विस्तार अधिकारियों ने 100 हेक्टेयर की जगह 6 प्रतिशत से भी कम हेक्टेयर के लिए बीज का वितरण किया, शेष बीज बाजार में बेच दिया। जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा भी हुआ है। रायपुर जिला कृषि अधिकारी सतीश अवस्थी ने कहा की विभागीय जांच करने में समय लगता है, जांच अंतिम चरण में है। रिपोर्ट आते ही इस माह दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
23 Sept 2025 08:01 am
Published on:
23 Sept 2025 08:00 am
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