
Chhattigarh News: छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में इप्टा रायपुर की ओर से बुधवार को स्मृति हबीब के तहत व्यायान और नाट मंचन का आयोजन रजबंधा मैदान स्थित लोकायन भवन में किया गया। कुमारी सावित्री नाटक में कुमारी नामक महिला की कहानी दिखाई गई है, जो कचरा बीनकर अपना जीवन बिता रही थी, लेकिन फुले-अबेडकरी विचारधारा से प्रेरित होकर समाज में परिवर्तन लाने के लिए निकल पड़ी।
Chhattigarh News: नाटक में कुमारी की भूमिका नंदा रामटेके ने निभाई है, जबकि अबेडकर की भूमिका संजय पटेल ने निभाई है। अन्य पात्रों में रूपा चौहान, सविता भालाधरे, सीमा गजभिये, ख़ुशी तलमले, हिमाक्षी बालिका, आर वी भालाधरे, और प्रतिमा गजभिये शामिल हैं। नाटक के निर्देशक शेखर नाग ने कहा, "कुमारी की कहानी हमें दिखाती है कि कैसे एक व्यक्ति अपने जीवन को बदलकर समाज में परिवर्तन ला सकता है। हमें उनकी प्रेरणा से सीखना चाहिए और समाज में परिवर्तन लाने के लिए काम करना चाहिए।"
कार्यक्रम में दिल्ली से आए नाटककार और मुय वक्ता राजेश कुमार ने कहा, हबीब तनवीर जैसे महान व्यक्तियों ने अपने कार्यों से समाज में परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर मुंबई में फिल्मों में काम करना शुरू किया, लेकिन जल्द ही उन्हें सांस्कृतिक आंदोलन में शामिल होने की जरूरत महसूस हुई। राजेश कुमार ने कहा, "हबीब तनवीर को किसी विशेष विचारधारा से बांधना उनके कद को छोटा करने जैसा है, क्योंकि वे सबके थे और उनका योगदान सांस्कृतिक आंदोलन में बहुत महत्वपूर्ण था।
हमें उनके जीवन और कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने जीवन में कुछ बड़ा और सकारात्मक करने के लिए प्रयास करना चाहिए। हबीब तनवीर की तरह, हमें भी अपने समाज में परिवर्तन लाने के लिए काम करना चाहिए। हमें अपने जीवन में कुछ बड़ा और सकारात्मक करने के लिए प्रयास करना चाहिए, ताकि हमारा समाज बेहतर बन सके।"
Updated on:
05 Sept 2024 04:37 pm
Published on:
05 Sept 2024 04:37 pm
