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छत्तीसगढ़ में AI शिक्षा की शुरुआत! अब डिजिटल एजुकेशन पर होगा जोर, बच्चों को मिलेगा आधुनिक ज्ञान…

AI Education Chhattisgarh: रायपुर में बदलते दौर में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब पढ़ाई का अहम हिस्सा बनने जा रहा है।
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रायपुर

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Shradha Jaiswal

•

Updated: 9 Apr 2026, 2:25 PM IST

छत्तीसगढ़ में AI शिक्षा की शुरुआत! अब डिजिटल एजुकेशन पर होगा जोर, बच्चों को मिलेगा आधुनिक ज्ञान...(photo-patrika)

छत्तीसगढ़ में AI शिक्षा की शुरुआत! अब डिजिटल एजुकेशन पर होगा जोर, बच्चों को मिलेगा आधुनिक ज्ञान...(photo-patrika)

AI Education Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के रायपुर में बदलते दौर में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब पढ़ाई का अहम हिस्सा बनने जा रहा है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

स्कूल शिक्षा विभाग Google के साथ मिलकर शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी में जुटा है। इसके तहत आज आत्मानंद स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक और कार्यशाला आयोजित की जा रही है, जिसमें गूगल के विशेषज्ञ नई तकनीकों की जानकारी देंगे।

AI Education Chhattisgarh,: बारहखड़ी से AI तक की शिक्षा का लक्ष्य

स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav ने कहा कि आने वाले समय में बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ AI आधारित ज्ञान भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि “बारहखड़ी से लेकर AI तक” बच्चों को हर स्तर की शिक्षा देने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। मंत्री ने बताया कि 15 अप्रैल से 15 जून तक शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

गूगल विशेषज्ञ देंगे तकनीकी मार्गदर्शन

इसका उद्देश्य शिक्षकों को नई तकनीकों से अपडेट करना है, ताकि वे छात्रों को बेहतर तरीके से आधुनिक शिक्षा दे सकें। 16 जून से नए सत्र की शुरुआत के साथ छात्रों को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है। कार्यशाला में गूगल के विशेषज्ञ प्राचार्यों को AI आधारित शिक्षा प्रणाली, डिजिटल टूल्स और स्मार्ट लर्निंग तकनीकों की जानकारी देंगे। इससे स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

प्राइवेट स्कूलों पर सख्ती, महंगी किताबों पर कार्रवाई

प्राइवेट स्कूलों द्वारा महंगी किताबें बेचने की शिकायतों पर मंत्री गजेंद्र यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कई जगहों से वेंडरों की मनमानी की शिकायतें मिली हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई होगी।

बोर्ड परीक्षा की सुरक्षा पर जोर

12वीं बोर्ड के हिंदी पेपर की सुरक्षा को लेकर मंत्री ने कहा कि इस बार कड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछली बार पेपर लीक की कोई पुष्टि नहीं हुई थी, बल्कि सिर्फ आशंका थी। इस बार पूरी व्यवस्था को और सख्त बनाया गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।

कांग्रेस की बैठक को लेकर मंत्री ने कहा कि उनकी तुलना भारतीय जनता पार्टी से नहीं की जा सकती। उन्होंने कांग्रेस संगठन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां अनुशासन की कमी है और नेता अपने हिसाब से काम करते हैं।

RTE और फीस मुद्दे पर भी बयान

प्राइवेट स्कूलों द्वारा RTE के तहत भुगतान को लेकर उठाए जा रहे मुद्दों पर मंत्री ने कहा कि अन्य राज्यों में इससे कम राशि में भी काम हो रहा है, इसलिए यह तर्क सही नहीं है। सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिक्षा में बड़ा बदलाव तय

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में यह पहल अहम मानी जा रही है। AI आधारित शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण के जरिए छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है, जिससे राज्य के शिक्षा स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

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